अक्षय तृतीया पर प्राचीन श्री भरत मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़

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लोकजन टुडे, तनुज वालिया, ऋषिकेशः अक्षय तृतीया पर जहां गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चार धाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है, वही तीर्थनगरी ;षिकेश के प्राचीन श्री भरत मंदिर में भी अक्षय तृतीया के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी है। श्री भरत मंदिर में अक्षय तृतीया पर 108 परिक्रमा का विशेष महत्व है। माना जाता है कि भरत मंदिर की अक्षय तृतीया के दिन 108 अथवा 1008 परिक्रमाओं का फल श्री बद्रीनाथ धाम के दर्शन के समान होता है।

हृषिकेश नारायण भगवान भरत को ;षिकेश का ग्राम देवता भी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ;षिकेश में विराजमान भगवान भरत की मूर्ति भी भगवान बद्रीनाथ की मूर्ति के समान एक जैसे शालिग्राम शिला से बनी हुई है। कालांतर में भगवान नारायण के इस प्राचीनतम मंदिर को खंडित किया गया था। मगर, आदि गुरु शंकराचार्य अपनी बद्रिकाश्रम की यात्रा के दौरान इस मंदिर में पुनः भगवान भरत की मूर्ति को स्थापित किया था। धार्मिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन श्री भरत मंदिर की सामर्थ्य अनुसार 108 अथवा 1008 परिक्रमा करने पर भगवान बद्रीनाथ के दर्शनों के समान फल प्राप्त होता है। मांगलवार को अक्षय तृतीया के दिन सुबह से ही श्री भरत मंदिर में परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। श्रद्धालुओं ने मंदिर की परिक्रमा कर ;षिकेश नारायण भगवान भरत का आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में गुरुवर सत्तू का प्रसाद भी चढ़ाया।


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