वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान विवादों में.. ये है मामला..

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श्रीनगर: एक बार फिर वीर चन्द्रसिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान विवादों मे घिरता नजर आ रहा है।

200 संविदा, 80 के करीब नियत…

दरअसल राजकीय मेडिकल काॅलेज श्रीनगर में पिछले आठ से दस सालों से प्रदेश के 450 स्थानीय बेरोजगार कार्यरत हैं। इन रोजगार पाये कर्मियों मे लगभग 200 संविदा, 80 के करीब नियत, 120 वेतन भोगी और लगभग 50 के करीब उपनल के माध्यम से कार्यरत हैं।

300 कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय मे आपत्ति दर्ज की…

साल भर पूर्व भी मेडिकल काॅलेज ने इन्ही पदों पर ई टेंडर के माध्यम से 519 पदों के लिए निविदा निकाली थी। जिस पर काॅलेज मे पूर्व से कार्यरत इन्ही कर्मचारियों मे से 300 कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय मे आपत्ति दर्ज की थी।

काॅलेज के प्राचार्य द्वारा 519 पदों के लिए फिर से…

इसके बाद उच्च न्यायालय ने 27 फरवरी 2019 को काॅलेज प्रशासन को आदेशित किया था कि उच्च न्यायालय मे पहुंचे सभी पदों पर कार्यरत कर्मियों को यथावत रखकर शेष रिक्त पदों पर आउट सोर्सिंग के तहत भर्ती प्रक्रिया जारी रखी जाए। लेकिन शुक्रवार को काॅलेज के प्राचार्य द्वारा 519 पदों के लिए फिर से ई निविदायें मांगी हैं, जिन पर कोर्ट से स्टे पाये लगभग 300 कर्मचारियों में आक्रोश होना लाजिमी है। इन कर्मचारियों का आरोप है कि मेडिकल काॅलेज कोर्ट का स्टे पाये सभी 300 कर्मचारियों को मनमाने तरीके से ठेकेदारी प्रथा में डाल रहा है। जिसका कि सभी कर्मी पुरजोर विरोध करेंगे।


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