बच्चों के पठन -पाठन में परेशानी ना हो : शिक्षा मंत्री

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देहरादून : उत्तराखंड में शिक्षा की बदहाली बहुत बड़ा मसला बन गया है। इसी कड़ी में सर्किट हाउस काठगोदाम में शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने नैनीताल व उधमसिंह नगर के शिक्षा अधिकारियों के साथ शिक्षकों के विद्यालय में चल रहे रिक्त पदों की समीक्षा की गई। कहा कि कहीं शिक्षकों की संख्या अधिक है तथा कही विद्यालय शिक्षक विहीन चल रहे है। उन्होंने कहा इस समस्या का शीघ्र समाधान करना होगा। जिससे हमारे बच्चों को पठन -पाठन में परेशानी ना हो।

विद्यालय के समायोजन के विषय मे मंत्री ने कहा कि 31 मार्च से पहले 05 से कम बच्चों वाले विद्यालयो का समायोजन किया जाए। इसके लिए अभिभावकों से अनापत्ति ली जाए जिससे शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे। बच्चों की संख्या अधिक होने से आपसी प्रतिस्पर्धा का वातावरण भी मिलेगा। इसके लिए पहाड़ में 01 किलोमीटर व तराई में 03 किलोमीटर का मानक समायोजन के लिए रखा जाए। नैनीताल में लगभग 55 स्कूल 05 से कम छात्र संख्या के विद्यालय है। इसके लिए बच्चों के लिए स्कूल बस की सुविधा भी दी जाएगी।

समीक्षा बैठक के दौरान खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा बताया गया कि विकासखण्ड ओखलकांडा, बेतालघाट, किच्छा,गदरपुर में शिक्षकों की अत्यधिक कमी है वही जसपुर विकास खण्ड में अतिरिक्त शिक्षक है। उन्होंने शिक्षा विभाग को समायोजन के निर्देश देते हुए कहा कि जिन विकासखण्डों में अतिरिक्त शिक्षक है उनकी सूची बनाकर दी जाए। कहा कि शिक्षा विभाग का दायित्व है कि दूरस्थ व सुगम क्षेत्रों में एक समान रवैया अपनाकर समायोजन किया जाए।

मंत्री ने कहा कि जल्द ही 1500 सहायक अध्यापक की भर्ती पूरी हो जायेगी जिन्हें प्राथमिकता के तौर पर शिक्षक विहीन विद्यालय में शिक्षकों को नियुक्ति दी जाए। इस अवसर पर मेयर डॉ. जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, अपर निदेशक लीलाधर व्यास, जिला शिक्षाधिकारी गोपाल भारद्वाज, डॉ अनिल कपूर डब्बू, खण्ड शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी, डॉ राजेन्द्र सिंह, सुषमा गौरव, अंशुल बिष्ट सहित अन्य उपस्थित थे।


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