राजधानी के इस स्कूल का गजब कारनामा मन की बात सुनने नहीं पहुंचे जो बच्चे देना होगा जुर्माना

Share your love

देहरादून

राजधानी देहरादून को एजुकेशन हब के रूप में जाना जाता है देश और दुनिया भर के बड़े-बड़े प्रतिष्ठित स्कूल उत्तराखंड में ही स्थित है यदि देशभर के टॉप 10 स्कूलों की बात की जाए तो उसमें से शीर्ष नाम उत्तराखंड में ही स्थित है

अच्छी शिक्षा को लेकर उत्तराखंड के स्कूल जहां चर्चा में रहते हैं वही अजब-गजब कारनामों को लेकर भी स्कूल चर्चा का विषय बनते हैं अभी पिछले दिनों एक स्कूल में अलविदा जुम्मे के दिन नमाज का ड्रामा चर्चा का विषय बना इसको लेकर खूब हंगामा भी हुआ

 एक बार फिर देहरादून में एक स्कूल चर्चा का विषय बन गया है इस बार चर्चा   थोड़ा हटकर है अभी पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का 100 वां एपिसोड सुना गया था यह मन की बात कार्यक्रम प्रदेश भर में बच्चों और बड़ों के द्वारा सुना गया था 

फोटो सोशल मीडिया द्वारा प्राप्त

राजधानी देहरादून के निरंजनपुर स्थित एक स्कूल में भी इस दिन यह कार्यक्रम सुना गया सब कुछ ठीक-ठाक रहा लेकिन स्कूल प्रबंधन के द्वारा अभिभावकों को व्हाट्सएप ग्रुप में एक मैसेज ने चिंता में डाल दिया दरअसल जो बच्चे उस दिन गैरहाजिर थे उन्हें स्कूल प्रबंधन के द्वारा मेडिकल प्रमाण पत्र के साथ-साथ ₹100 जुर्माना देने का फरमान भेज दिया ऐसा अभिभावकों का आरोप है इस संबंध में नेशनल एसोसिएशन फॉर पैरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान ने मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जवाब मांगा है।आरिफ खान ने बताया कि जीआरडी अकेडमी ने उन बच्चों को 100 रुपये फाइन लाने या फिर मेडिकल प्रमाणपत्र जमा कराने का आदेश जारी किया है जो रविवार को मन की बात कार्यक्रम के लिए स्कूल नहीं पहुंचे थे। स्कूल प्रबंधन द्वारा इस संबध में स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में आदेश जारी किए गए हैं।

अभिभावकों ने उन्हें इस आदेश का स्क्रीनशॉट भी दिखाया है।मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि शिकायत का संज्ञान लेते हुए एकेडमी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अगर स्कूल तीन दिन में अपना पक्ष नहीं रखता है तो यह समझा जाएगा कि स्कूल की तरफ से छात्रों से पैसे मांगे गए थे। इसके बाद विभाग कार्रवाई करेगा। शिकायत करने वाली एसोसिएशन से भी सबूत मांगे गए हैं।
 


Discover more from Lokjan Today

Subscribe to get the latest posts sent to your email.