उत्तराखंड पीसीएस परीक्षाओं का पाठ्यक्रम अब संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पाठ्यक्रम की तर्ज पर होगा

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देहरादून : उत्तराखंड के युवाओं के लिए बड़ी खबर है। ऐसे युवा जो सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे है उनके लिए एक नया अपडेट है।

लोकसेवा आयोग  की पीसीएस परीक्षाओं का पाठ्यक्रम अब संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा पाठ्यक्रम की तर्ज पर होगा। अभी तक ऐसा नहीं था।

आयोग के साक्षात्कार के पैर्टन में बदलाव

उत्तराखंड लोकसेवा आयोग का परीक्षा पाठ्यक्रम में उक्त बदलाव लंबे समय अपेक्षित था, पर इसे लागू नहीं कराया जा सका। इसी क्रम में पिछले दिनों आयोग के साक्षात्कार के पैर्टन में बदलाव किया गया। नई व्यवस्था में अभ्यार्थी के नाम या रोल नंबर की साक्षात्कार में कोड मार्किंग की व्यवस्था की गई।इससे पहले आयोग की परीक्षाओं का साक्षात्कार अभ्यार्थी की फाइल, नाम और रोल नंबर के आधार पर होता था। इसकी पुष्टि करते हुए उत्तराखंड लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष डा. राकेश कुमार ने कहा कि आयोग का उद्देश्य युवाओं विशेषकर उत्तराखंड के युवाओं को बेहतर व्यवस्था प्रदान करना है।

पाठ्यक्रम के बदलाव के बाद एक ही तैयारी में वह पीसीएस परीक्षा और सिविल सेवा परीक्षा दे सकेंगे। उन्होंने बताया कि आयोग की परीक्षाओं की शुचिता को डबल लेयर सिक्योरिटी सिस्टम और डबल लाक सिस्टम लागू किया गया है।

 

कहा कि सभी इस बात से आश्वस्त हो जाएं, आयोग स्तर पर हर गड़बड़ी को ठीक किया जाएगा। हर दोषी के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, सख्त दंड दिया जाएगा। बताया कि इस कठिन समय के बावजूद फरवरी उत्तराखंड लोकसेवा आयोग फरवरी से अप्रैल-2023 में नौ परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। आयोग परीक्षाओं को लेकर जारी कैलेंडर पर कायम है।आज होगी क्षैतिक आरक्षण देने पर बैठक

नए कानून के अनुसार उत्तराखंड लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं में उत्तराखंड मूल की महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने और इसे 23 से 26 फरवरी तक होने वाली पीसीएस मुख्य परीक्षा से ही लागू किए जाने को लेकर आयोग की महत्वपूर्ण सात फरवरी को आयोग मुख्यालय में होगी।


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