इनामी बदमाशों के विरुद्ध एसटीएफ की ताबड़तोड़ कार्यवाही जारी, फिर से 1 बदमाश चढ़ा हत्थे !

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हरिद्वार-: ग्रामीणों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ठगने के बाद लगभग 5 साल से हरिद्वार पुलिस को चकमा देते हुए नाम बदलकर फरार चल रहे एक 25 हज़ार इनामी कुंजा बहादुरपुर के पूर्व प्रधान को एसटीएफ देहरादून द्वारा चंडीगढ़ के एक होटल से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त के ऊपर वर्ष 2018 में हरिद्वार के कोतवाली रुड़की में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। अभियुक्त होटल में भेष बदलकर रह रहा है।

पुलिस अधीक्षक एसटीएफ चंद्र मोहन सिंह के अनुसार ग्राम कुंजा बहादुरपुर, हरिद्वार का पूर्व प्रधान अमर सिंह द्वारा अपनी ग्राम प्रधानी का इस्तेमाल करते हुए कई लोगों को राजकीय इंटर कॉलेज में क्लर्क के पद पर अथवा बीएचईएल हरिद्वार में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये ठगे गए थे। लोगों से रुपये हड़पने के बाद वह एक दिन अचानक हरिद्वार से गायब हो गया था,जिसके बाद उसके द्वारा अपने परिजनों से भी कोई संपर्क नही रखा गया था। लोगों द्वारा अमर सिंह के खिलाफ वर्ष 2018 में कोतवाली रूड़की में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। अभियुक्त शातिर किस्म का होने के चलते उसके द्वारा लगातार अपना नाम बदलकर हरिद्वार पुलिस को चकमा दिया जा रहा था व लगातार अपने ठिकाने बदले जा रहे थे। जिसके बाबत तत्कालीन एसएसपी द्वारा फरार अभियुक्त पर 5 हज़ार इनाम घोषित किया गया। परन्तु उसके बावजूद भी उसके द्वारा अपने बचने को लगातार नए नए हथकंडे अपनाते हुए पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। जिसके बाद पुलिस उपमहानिरिक्षक गढ़वाल व एसएसपी हरिद्वार द्वारा अभियुक्त पर 25 हज़ार इनाम की घोषणा की थी।
एसटीएफ द्वारा शातिर व फरार अभियुक्तों की धरपकड़ के अभियान के तहत हाल ही में एसएसपी एसटीएफ द्वारा अभियुक्त अमर सिंह की जानकारी हासिल करते हुए अपनी टीम को अभियुक्त की गिरफ्तारी को उसे ट्रैप करने के आदेश दिए थे। परिणाम स्वरूप एसटीएफ की टीम द्वारा आज सोमवार को चण्डीगढ़ के होटल गोल्डन जन्नत में दबिश देते हुए
शातिर पूर्व ग्राम प्रधान को गिरफ्तार किया। अमर सिंह होटल में अपना भेष बदलकर रखता था,ताकि कोई उसे पहचान न सके,और हर महीने राजस्थान के नागौर जिले में स्थित ओशो ध्यान सेंटर में जाया करता था।


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