सदन में कानून व्यवस्था को लेकर उठे सवाल !

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देहरादून : बीते दिन विधानसभा शीतकालीन सत्र का पहला ही दिन बहुत हंगामेदार रहा। सदन में विपक्ष ने कई तरह के सवाल उठाए। उन्हीं में से एक नियम 58 के तहत राज्य में बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्रयास किया। साथ ही अंकिता मर्डर केस को लेकर भी सरकार को घेरने का प्रयास किया गया। नेता प्रतिपक्ष सहित विपक्ष के विधायकों ने कानून व्यवस्था को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के साथ अन्य जनपदों की तमाम खामियां उजागर की।

सदन में नियम 58 के तहत राज्य में बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष सहित विपक्ष के विधायकों ने कानून व्यवस्था को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के साथ अन्य जनपदों की तमाम खामियां उजागर की।

जिसके बाद संसदीयकार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के जवाब से अंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने अंकिता भंडारी के मामले पर लचर कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किये। नेता प्रतिपक्ष ने कहा हत्यारों को राजकीय समान दिया गया। जांच के दौरान सभी साक्ष्य को मिटाने की कोशिश की गई। रिसोर्ट में बुलडोज़र चलाकर कमरा ध्वस्त किया जाता है।

अंकिता हत्याकांड में वो कौन वीवीआईपी सरकार ने अभी तक उसका नाम उजागर नहीं किया। जो अभियुक्त हैं वो ऊंची पहुंच वाले हैं सरकार इस मसले पर सीबीआई जांच करवाये। नेता प्रतिपक्ष ने आकड़े दिखाते हुए कहा कि 2022 में कई बड़ी घटनाएं प्रदेश में घटी लेकिन बावजूद इसके प्रदेश पुलिस ने सरकार के दबाव में आकर इन पर किसी प्रकार की ठोस करवाई नहीं की।

वहीं संसदीय कार्य मंत्री ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि हमारी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। अपराध का ग्राफ लगातार कम हुआ है। अंकिता भंडारी हत्याकांड में भी अपराधी सलाखों के पीछे हैं।


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