राजकीय संरक्षण में रह रहे लोगों को मिले गरिमापूर्ण जीवन और बेहतर सुविधाएं : डीएम उत्तरकाशी !

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लोकजन टुडे ब्यूरो

जिले में मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए सरकारी तंत्र पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। समाज के वंचित और संवेदनशील वर्गों विशेषकर किशोरों और वृद्धजनों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं धरातल पर बेहतर तरीके से लागू करने के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुटा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राजकीय संरक्षण में रह रहे हर व्यक्ति को गरिमापूर्ण जीवन उचित पोषण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।

इसी क्रम में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा विकासखंड डुंडा स्थित राजकीय सम्प्रेषण गृह (किशोर) और वृद्धाश्रम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजकीय संप्रेषण गृह में शिक्षा, खेलकूद और कौशल विकास के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए आधुनिक शिक्षण सामग्री और परामर्श की निरंतर व्यवस्था की जाए। आवास की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न की जाए।
इस दौरान वृद्धाश्रम के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बुजुर्गों का हाल-चाल जाना और उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य परीक्षण करने और आश्रम में ठंड व गर्मी के अनुसार सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु बाल संप्रेषण गृह (किशोर), वृद्धाश्रम तथा मेगापोर्ट सह भंडार कक्ष के मध्य संपर्क मार्ग को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन केंद्रों के बीच का मुख्य दरवाजा खुला रखा जाए ताकि दैनिक गतिविधियों और सेवाओं में निरंतरता बनी रहे। इसके अतिरिक्त सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के करने के लिए आवश्यकतानुसार दरवाजे के चौड़ीकरण करने के निर्देश दिये ।

इस दौरान खंड विकास अधिकारी दिनेश जोशी, पर्यावरण विशेषज्ञ प्रताप मटूडा सहित अन्य उपस्थित रहे।


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