राज्यपाल ने कुलपतियों के साथ त्रैमासिक समीक्षा बैठक की…

Share your love



रिपोर्ट: कुलदीप रावत

  • एक-एक गाँव गोद लेकर उन्हें स्मार्ट विलेज बनाये

  • कृषि विश्वविद्यालय ‘‘लैब टू लैण्ड ट्रांसफर’’ की नीति अपनाएं

देहरादून: राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने गुरूवार को राजभवन में राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं उत्तराखण्ड शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ त्रैमासिक समीक्षा बैठक की। राज्यपाल  मौर्य ने राज्य के सभी 11 विश्वविद्यालयों को शीघ्र से शीघ्र एक-एक स्मार्ट विलेज विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इन ‘‘स्मार्ट ग्रामों’’ में पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा आजीविका एवं स्वरोजगार के अवसर आदि मानकों को सुधारा जायेगा।

राज्यपाल ने कहा कि वे इन स्मार्ट गावों के विकास कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगी। राज्यपाल ने निर्देश दिए कि राज्य के कृषि व तकनीकी विश्वविद्यालय ‘लैब टू लैण्ड ट्रांसफर’ की नीति पर गम्भीरता से कार्य करें।

विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं में विकसित होने वाली नई तकनीकी व शोधों का गांवो में गम्भीरता से स्थानांतरण किया जाना चाहिये जिससे उनका उपयोग ग्रामीण समृद्धि के लिये किया जा सके। राज्यपाल मौर्य ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में शैक्षिक व शिक्षणेत्तर रिक्त पद तथा बैकलाॅग के सभी पदों की भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र से शीघ्र आरम्भ किया जाय। राज्यपाल ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में रोस्टर सिस्टम को लागू किया जाय।

राज्यपाल के निर्देश दिये कि इस वर्ष से राज्य विश्वविद्यालयों में इंटर यूनिवर्सिटी खेल प्रतियोगिता पुनः आरम्भ की जाय। इस वर्ष कुमांऊ विश्वविद्यालय द्वारा इंटर यूनिवर्सिटी खेल प्रतियोगिता की मेजबानी की जायेगी। राज्यपाल  मौर्य ने सभी को सम्बद्धता सम्बन्धित सभी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। राज्यपाल ने शासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्कृत में आचार्य व शास्त्री की डिग्री मान्यता के मामले को कार्मिक विभाग व लोक सेवा आयोग से बैठक कर शीघ्र निस्तारित किया जाए।



राज्यपाल  मौर्य ने ऐसे महाविद्यालयों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए जो परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों को डिग्री देने में देरी करते है। राज्य के अधिकांश विश्वविद्यालयों में प्रमाण पत्रों व डिग्री हेतु डिजी लाॅकर्स की व्यवस्था क्रियान्वित की जा चुकी है। राज्यपाल ने शेष सभी विश्वविद्यालयों को भी निश्चित समयसीमा के भीतर छात्रों हेतु डिजी लाॅकर्स की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने दीक्षांत समारोह प्रत्येक वर्ष अनिवार्य रूप से करवाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने सम्बद्ध काॅलेजों व संस्थानों में ग्रीन कवर व वृक्षारोपण की रिर्पोट भी शासन को उपलब्ध कराये। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने विश्वविद्यालयों को अपना आउटकम बढ़ाने , नए शोधों की जानकारी साइटेशन के साथ देने, पेटेंट की संख्या की जानकारी देने, प्लेसमेंट सुविधाओं को बढ़ाने व राष्ट्रीय एवं अन्र्तराष्ट्रीय रैंकिग सुधारने के भी निर्देश भी दिए।

बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया की विश्वविद्यालयों के लिये एक ‘‘काॅमन एक्ट’’ प्रस्तावित है। तीन माह के भीतर सभी 872 असिटेंट प्रोफेसरों के पद भर दिये जायेगे। राज्य सरकार उच्च शिक्षा के गुणात्मक सुधार हेतु निरन्तर प्रयासरत है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आंनदवर्द्धन, राज्यपाल के सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव कृषि शिक्षा आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव वित्त  सौजन्या, सचिव चिकित्सा  पंकज कुमार पाण्डेय सहित सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।


Discover more from Lokjan Today

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *