वन गुर्जरों को अब वन विभाग बनाने जा रहा है टूरिस्ट गाइड…

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रिपोर्ट: कुलदीप रावत

LokJan Today(देहरादून): उत्तराखंड में लंबे समय से वन्य क्षेत्रों में जीविका यापन करने वाले वन गुर्जरों के दिन अब सवारने वाले हैं। वन विभाग ने इसके लिए एक खाका तैयार कर लिया है, जिससे 2 महीने के अंदर वन गुर्जरों को मुख्यधारा से जोड़ने का फैसला लिया गया है। जिसके लिए पीसीसीएफ जयराज सिंह ने वन गुर्जरों से मिलकर उनकी स्थिति और संस्कृति को जाना और उनसे कई मामलों पर विचार विमर्श किया।



उत्तराखंड में वन गुर्जरों के वर्तमान में 5000 से ज्यादा परिवार हैं। ऐसे में इन्हें बसाए जाने को लेकर सरकार लंबे समय से प्रयासरत है, लेकिन दूसरी और राजाजी पार्क की चीला रेंज से और कार्बेट पार्क से भो गुर्जरों को हटा दिया गया है। लेकिन अब वन महकमे के सामने सबसे बड़ी समस्या इन के आशियाने को बसाने को लेकर है। जिसको लेकर पीसीसीएफ जयराज सिंह ने गुर्जरों के पास जाकर उनकी समस्याओं को को सुना वर्तमान स्थिति में यह गुज्जर सड़कों और जंगलों या फिर लोगों के खेतों में रहकर अपना जीवन यापन करते हैं। साथ ही इनके पशुओं को भी काफी दिक्कत होती है, लिहाजा इन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए वन विभाग ने इन्हें वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 2 माह के अंदर पानी ,चारे और दवाइयों की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।



पीसीसीएफ जयराज सिंह का कहना है कि इन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए इनकी समस्याओं पर लगातार गौर किया जा रहा है। साथ ही वन विभाग के अंदर जितने भी काम हो रहे हैं उनमें वन गुर्जरों का एक संगठन बनाकर इन्हें रजिस्ट्रेशन नंबर और पैन नंबर दिया जाएगा। साथ ही वन विभाग के अंतर्गत होने वाले काम में इनकी भागीदारी भी होगी। जिससे इनकी आमदनी तो बढ़ेगी ही और रोजगार भी मिलेगा। इसके साथ ही वन गुर्जरों के लड़के लड़कियों को वन विभाग गाईड की ट्रेनिग भी देगा जिससे पार्कों और वनों में आने वाले पर्यटकों को गुर्जर ट्रैक करवाएंगे।

आपको बता दें कि उत्तराखंड के जंगलों में एक लंबे समय से वन गुर्जर विषम परिस्थिति में अपना जीवन व्यतीत करते हैं। जिनका वर्तमान आमदनी दूध, घी बेचना और बकरी भेड़ पालन है लेकिन सरकार वन गुर्जरों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास कितना परवान चढ़ता है। खैर यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन जिस तरह से वन विभाग वन गुर्जरो के प्रति गंभीर हो चला है, उससे साफ जाहिर होता है कि जल्द ही अब वन गुर्जरों के दिन बहुरने वाले हैं और वह भी कदम से कदम मिलाकर मुख्यधारा में चल सकेंगे।



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