बम धमाकों में बर्बाद पूरा शहर, ईरान ने दी चेतावनी

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नागोरनो-काराबाख इलाके को लेकर अजरबैजान और आर्मीनिया के बीच हो रही युद्ध के खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। दोनों ही देशों की सेनाएं पीछे हटने के लिए राजी नहीं है। बता दें कि दोनों ही देशों के बीच 27 सितंबर से ही युद्ध जारी है, जो दिन ब दिन और भयानक होता जा रहा है। इस युद्ध में अजरबैजान और आर्मीनिया एक दूसरे पर मिसाइलों से हमला कर रहे हैं और जमकर एक-दूसरे पर गोलियां बरसा रहे हैं। इस खतरनाक जंग की वजह से स्थानीय लोगों के अंदर डर का माहौल है। लोग दहशत में जीने पर मजबूर हैं।

वहीं इस बीच ईरान की ओर से इस युद्ध से तबाही आने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा ईरान ने कहा है कि ये लड़ाई व्यापक रूप से क्षेत्रीय युद्ध को बढ़ा सकती है। ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने इस जंग पर कहा कि इस युद्ध के बाद इलाके की स्थिरता को खतरा है और अगर ये ऐसी ही जारी रहा तो पड़ोसी देशों पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है। ईरान ने कहा कि ये इलाका तो औपचारिक रूप से अजरबैजान का हिस्सा है, लेकिन यहां पर आर्मीनियाई लोग रहते हैं। फिलहाल दोनों ही देशों की ओर से एक दूसरे पर पहले हिंसा शुरू करने का आरोप लगाया जा रहा है।

ईरान ने कहा कि हमें इस बात से अलर्ट रहना होगा कि दोनों देशों की ये लड़ाई इस इलाके की लड़ाई ना बन जाए। हमारे काम का आधार शांति है और हम शांतिपूर्ण तरीके से क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने की उम्मीद करते हैं। ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने कहा कि ये हमें पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि ईरान की जमीन पर गलती से भी मिसाइल या गोले गिरें। उन्होंने कहा कि शहरों और गांवों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजरबैजान की सेना इस जंग में दुनियाभर में प्रतिबंधित कलस्‍टर बमों का इस्‍तेमाल कर रही है। उसने कई बम र‍िहाइश वाले इलाके में गिराए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नागोरनो-काराबाख इलाके को लेकर हो रही इस जंग में अब तक कम से कम 266 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसमें 45 आम नागरिक भी शामिल हैं। बता दें कि कई साल तक नुकसान पहुंचाने वाले क्‍लस्‍टर बम के इस्‍तेमाल पर दुनिया के करीब 109 देशों ने बैन लगा द‍िया है।


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