चूंकि कोरोनोवायरस दुनिया भर में जारी है, वैज्ञानिक और चिकित्सा विशेषज्ञ दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि अत्यधिक संक्रामक संक्रमण से निपटने के लिए एक प्रभावी टीका विकसित किया जा सके। जैसा कि हम इसे लिखते हैं, दुनिया भर में परीक्षणों के विभिन्न चरणों में 160 से अधिक वैक्सीन उम्मीदवार हैं और 30 से अधिक संभावित टीके पहले ही महत्वपूर्ण मानव परीक्षणों के चरण में प्रवेश कर चुके हैं। मानव उपयोग के लिए एक वैक्सीन विकसित करना एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया है, वैज्ञानिक एक त्वरित समयरेखा में एक COVID-19 वैक्सीन विकसित करने का लक्ष्य बना रहे हैं।
अब भारत भी कोरोना वैक्सीन बनाने के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है। एक वैक्सीन ट्रायल के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इसमें सफलता मिलने के बाद ही वैक्सीन आम लोगों तक पहुंच पाएगी। आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं.
भारत में एक वैक्सीन का तीसरा चरण शुरू हो रहा है, यह कब तक लोगों को मिलेगी?
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व सचिव डॉ. नरेंद्र सैनी के मुताबिक, ‘वैक्सीन कब तक मिलेगी, अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। अभी जो तीसरे चरण का ट्रायल शुरू होने वाला है, उसमें पहले देखना होगा कि एंटीबॉडीज बन रहे हैं, तो कितने बन रहे हैं। एंटीबॉडी देखने में दो-तीन हफ्ते लग जाएंगे। इसके बाद देखा जाएगा कि ये वायरस से लड़ने में कितने असरकारी हैं। फिर देखा जाएगा कि लोगों पर क्या प्रभाव पड़ता है। अभी कोई भी वैज्ञानिक नहीं बता सकता है कि कितने दिन बाद इसमें सफलता मिलेगी। हां पहले चरण और दूसरे चरण में सफलता सकरात्मक संकेत हैं।
जहां बारिश ज्यादा हो रही है वहां लोग कोरोना से कैसे सुरक्षित रहें?
डॉ. नरेंद्र सैनी के मुताबिक, ‘चाहे बारिश हो या गर्मी या फिर सर्दी का मौसम, वायरस कभी भी फैल सकता है। इसलिए इससे बचने का अभी भी वही नियम है, जो दूसरे मौसम में था। जहां बारिश हो रही है, वहां लोगों को ध्यान रखना है कि उनका मास्क गीला न हो और लोगों से उचित दूरी बनी रहे।’
अस्पताल जाने पर डॉक्टर तुरंत कोविड जांच के लिए क्यों कहते हैं?
अगर किसी को बुखार, खांसी, थकान या दर्द है, तो जरूरी नहीं है कि उसे कोरोना है। इंफ्लूएंजा वायरस भी हो सकता है। अब चूंकि कोरोना के भी यही लक्षण हैं और आज के समय में कोरोना आम है, इसलिए ज्यादातर डॉक्टर एक बार जांच के लिए कहते हैं। हालांकि कई बार डॉक्टर मरीज की हिस्ट्री देखने के बाद ही तय करते हैं कि कोविड टेस्ट कराना है या नहीं और अगर मरीज की सोसाइटी या कॉलोनी में कोई संक्रमित पाया गया है, तो बिना देर किए ही उन्हें कोविड जांच की सलाह दी जाती है।’
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