को-ओपरेटिव अधिकारी संयुक्त सहकारी सामूहिक खेती योजना पर तय समय सीमा में काम करें : डॉ धन सिंह रावत

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देहरादून

को -ओपरेटिव अधिकारी संयुक्त सहकारी सामूहिक खेती योजना पर
तय समय सीमा में काम करें : डॉ धन सिंह रावत

सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा है कि, माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारी खेती योजना पर अधिकारी 95 ब्लॉकों में तय समय सीमा पर कार्य करें। बंजर भूमि के ही प्रपोजल प्राप्त किए जाएं

डॉ रावत आज सोमवार शाम को राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना में माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारी खेती योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड की बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों- एम. पैक्स के माध्यम से उत्तराखंड की कृषि क्षेत्र की उक्त चुनौतियों के मध्यनजर सहकारिता विभाग उत्तराखंड द्वारा संचालित राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना संयुक्त सहकारी खेती के माध्यम से वृहद स्तर पर उत्पादन, संग्रहण एवं तैयार उत्पादों को लाभकारी मूल्य पर बाजार में उतार कर किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलवाकर उनके जीवन निर्वाह स्तर में बदलाव लाने हेतु प्रतिबद्ध है।

डॉक्टर रावत ने कहा कि, परियोजना के अन्तर्गत राज्य की 670 सहकारी समितियों को सुदृढ़ करते हुए ‘ग्रामीण आर्थिक विकास केन्द्र के तौर पर विकसित कर किसानों की छोटी-छोटी जोतों को जोड़कर सहकारी सामूहिक खेती हेतु उनका प्रयोग करके उस संयुक्त भूमि पर आधुनिक तकनीकी द्वारा क्षेत्र विशेष हेतु तय कृषि उत्पादों को प्रोत्साहित करना परियोजना का दूरगामी लक्ष्य है।

निबंधक सहकारिता श्री आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि संयुक्त सामूहिक सहकारी खेती के 68 प्रपोजल प्राप्त हो गए हैं। इस दिशा में कॉपरेटिव अधिकारी ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर कार्य कर रहे हैं।

जन औषधि केंद्र की समीक्षा बैठक में कहा गया कि इसके 37 प्रपोजल आ गए हैं।
58 प्रपोजल आनी शेष है।

मंत्री डॉ रावत ने कहा कि, जन सुविधा केंद्र के में कहा कि जिला सहायक निबंधक ब्लॉकों में जाकर इन केंद्रों को खुलवाएं। बताया गया कि 27 जगह यह सुविधा मिल भी गई है। ऑनलाइन खातों को खुलाया जा रहा है। जन सुविधा केंद्र खुलवाने के कार्य गतिमान हैं।

सहकारिता मंत्री डॉ रावत ने निर्देश दिया कि, डीसीबी देहरादून डीसीबी हरिद्वार, डीसीबी उधम सिंहनगर का नया भवन बनाया जाए। उन्होंने कॉपरेटिव बैंक में ट्रांसफर नीति लाने के भी अफसरों को निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि डिस्टिक कोऑपरेटिव बैंक की राज्य में 300 से अधिक शाखाएं हो गई हैं और एक हजार के करीब स्टाफ है उन्होंने कहा कि इसमें कैडर चेंज नहीं होगा।

सहकारिता मंत्री डॉ रावत ने कॉपरेटिव बैंक के डीआर को केरल तेलंगाना तमिलनाडु आंध्र प्रदेश में कोऑपरेटिव के कार्य के अध्ययन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में भरोसा केंद्र देखने लायक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के समस्त कारागार में कोऑपरेटिव समितियां बनाई जाएं। उन्होंने कोऑपरेटिव बैंकों में आईबीपीएस के माध्यम से क्लर्क और मैनेजर की नियुक्तियां कराने के लिए प्रपोजल भेजने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में सचिव डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम, निबंधक सहकारिता  आलोक कुमार पांडेय, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, अपर निबंधक व नोडल अधिकारी( परियोजना)  आनंद शुक्ल, उपनिबंधक और यू सी एफ की प्रबंध निदेशक रामिन्द्री मंद्रवाल, डीपीडी  भरत सिंह रावत, एडीसीओ  पुष्कर सिंह पोखरिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

 


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