मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार पहले दिन ही फॉर्म में…

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रिपोर्ट: कुलदीप रावत

LokJan Today(देहरादून): मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नव नियुक्त आई.टी सलाहकार रविन्द्र दत्त ने शनिवार को आई.टी.डी.ए., आई.टी. पार्क, देहरादून में आई.टी. विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।



मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के आई.टी सलाहकार बनने के बाद प्रथम बार आई.टी.डी.ए. परिसर में आने पर आई.टी.डी.ए. निदेशक अमित सिन्हा, वित्त नियंत्रक मनीष उप्रेती एवं अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आई.टी सलाहकार रविन्द्र दत्त का स्वागत किया।

आई.टी सलाहकार रविन्द्र दत्त ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखण्ड आई.टी. क्षेत्र के अग्रणी राज्यों में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के नेतृत्व में चल रहे ई गवर्नेंस एवं गुड गवर्नेंस के कार्यक्रम में सभी अधिकारी सक्रिय सहभागिता निभायें।

प्रदेश के आई.टी इंफ्रास्ट्रक्चर एवं इंटरनेट कनेक्टिविटि को सभी विभागों के साथ प्रदेश और जिला स्तर पर और बेहतर बनाने के लिए अपना भरसक कार्य करें। आई.टी. सलाहकार  रविन्द्र दत्त ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में उनका प्रयास होगा कि इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग कर शासकीय कार्यों को समयबद्धता एवं पारदर्शिता से पूर्ण कराने में सहयोग किया जाए। आई.टी का बेहतर उपयोग कर प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के ई गवर्नेंस, ई आफिस और सीएम हेल्प लाइन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों में सक्रिय सहभागिता निभायेंगे।



आई.टी.डी.ए. निदेशक अमित सिन्हा ने कहा कि आईटीडीए प्रदेश में उत्तराखण्ड सरकार के ई-गर्वनेंस के प्रोजेक्ट को इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने तथा भारत सरकार के आई.टी. प्रोजेक्टों को उत्तराखण्ड राज्य में लागू कराने में अह्म भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभाग से सम्बन्धित सभी क्रियाकलापों की जानकारी समय-समय पर मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराते रहें और मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त दिशा निर्देशों का समयबद्धता से पालन करें।

मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया उपसमन्वयक  पारितोष सेठ ने बताया कि मुख्यमंत्री की अपेक्षा है कि प्रदेश के सभी विभाग सरकार की जनहितकारी योजनाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से भी जनता तक पहुंचाए। इसके लिए आई.टी विभाग की टीम विभागों को सोशल मीडिया के उपयोग की जानकारी दें ताकि सरकार की योजनाओं का जनता ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सके।

आई.टी. सलाहकार  रविन्द्र दत्त ने आई.टी विभाग के अंतर्गत विभिन्न प्रोजेक्टस् के स्टेट हेड के साथ परिचय एवं बैठक की जिसमें स्वॉन प्रोजेक्ट, सी.एम. हेल्पलाइन, सी.एम डेशबोर्ड, ई-डिस्ट्रिक्ट, स्टेट डाटा सेंटर, ड्रोन एप्लीकेशन एवं रिसर्च सेंटर, एस.ई.एम.टी., हिलट्रोन केल्क , सी.एस.सी.(जन सुविधा केन्द्र) आदि प्रोजेक्ट के स्टेट हेड एवं कर्मचारी शामिल रहे।

बैठक में स्वॉन प्रोजेक्ट के स्टेट हेड ने बताया कि स्वॉन प्रोजेक्ट के तहत 119 तहसील/ब्लॉक ऑफिस एवं 13 जिला मुख्यालयों में नेटवर्क/इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें मुख्यत् कोषागार, पुलिस, व्यवसायिक कर, आर.टी.ओ, परिवहन विभाग आदि शामिल हैं।

सी.एम. डेशबोर्ड के स्टेट हेड ने बताया कि सी.एम. डेशबोर्ड के माध्यम से प्रदेश के सभी विभागां को प्रतिदिन मुख्यमंत्री , मुख्य सचिव, विभागीय सचिव एवं विभागीय नोडल अधिकारियों द्वारा मॉनीटर किया जा रहा है।

ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के स्टेट हेड ने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के द्वारा सेवा के अधिकार से संबंधित 32 नागरिक सेवाओं को जनता हेतु उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे जनता घर बैठे-बैठे सी.एस.ई सेंटर के माध्यम से जन सुविधाओं का लाभ ले सकते है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के द्वारा वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन व दिव्यांग पेंशन के आनलाईन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत  के निर्देश से 217 सेवाओं को शीघ्र ही ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से जोड़ा जाएगा।

स्टेट डाटा सेंटर के स्टेट हेड ने बताया कि स्टेट डाटा सेंटर वर्तमान में प्रमुख सेवाएं उपलब्ध करा रहा है जिसमें राजकीय केन्द्रीय कोष, विभिन्न योजनाओं का ऑनलाइन वितरण आदि अन्य सेवाओं का प्रबंधन एवं विकास न्यूनतम खर्चे पर किया जाएगा। यह देश का 100 प्रतिशत सॉफ्टेवयर आधारित डेटा केन्द्र है।

ड्रोन एप्लीकेशन एवं रिसर्च सेंटर के स्टेट हेड ने बताया कि यह सेंटर जुलाई, 2018 में लागू हुआ था और इसमें 236 लोगों को ट्रेनिंग दी गई है। यह संस्था देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों को ट्रेनिंग उपलब्ध कराती है।

एस.ई.एम.टी. के स्टेट हेड ने बताया कि एसईएमटी भारत सरकार का एक आईटी वचुअर्ल कैडर है। पूरे भारत के लगभग सभी राज्यों में एसईएमटी के टीम अपना कार्य कर रही है। एसईएमटी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को आईटी रोडमैप बनाने में मदद उपलब्ध कराना है।

हिलट्रोन केल्क के स्टेट हेड ने बताया कि यह उपक्रम उत्तराखण्ड सरकार की आई.टी ट्रेनिंग का उपकरण हैं, जिसकी सर्टिफिकेट आई.आई.टी रूड़की से मान्यता प्राप्त है। इसमें युवाओं को कम्प्यूटर के हाईटेक कोर्स की ट्रेनिंग कराकर उनको रोजगार के लिये तैयार किया जाता है। प्रदेश में हिलट्रोन केल्क के 45 ट्रेनिंग सेटर संचालित हो रहे हैं।


सी.एस.सी.(जन सुविधा केन्द्र) के स्टेट हेड ने बताया कि वर्तमान में 8350 सी.एस.सी सेंटर(जन सुविधा केन्द्र) पंजीकृत है जिसमें 6793 सी.एस.सी(जन सुविधा केन्द्र) सेंटर एक्टिव है। सी.एस.सी. सेंटर(जन सुविधा केन्द्र) द्वारा विशेषतः ग्रामीण क्षेत्र की जनता को ई-सुविधा जैसे स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जीवन प्रमाण पत्र, अटल आयुष्मान गोल्डन कार्ड, बिजली व टैलीफोन बिल जमा होने जैसी सुविधाये प्राप्त हो रही हैं।

सी.एम.हेल्पलाइन की नोडल अधिकारी सुश्री आरती बलोदी ने बताया कि सी.एम. हेल्पलाइन में तीन माध्यमों टोल फ्री नंबर 1905, वेब पोर्टल cmhelpline.uk.gov.in और मोबाइल एप uttarakhand cm helpline के द्वारा जन शिकायतों को प्रतिदिन दर्ज किया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के लिए भेजा जा रहा है। शिकायत के समाधान होते ही शिकायतकर्ता को कॉल करके संतुष्टि दर्ज कराई जा रही है।


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