लोकेशन – सहारनपुर
रिपोर्ट – शेख़ परवेज़ /सैयद मशकूर
कैंसर पीड़ित बच्चे समीर का कैसे हो इलाज़, लाचार पिता के पास नही है पैसे!
सहारनपुर। कोतवाली बेहट की इंदिरा कालोनी में रहने वाला इमरान मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है। सब कुछ ठीक चल रहा था कि अचानक कक्षा 7 में पढ़ने वाले करीब 12 वर्षीय बेटे समीर को घुटने में तेज दर्द की शिकायत हुई। जिसके बाद स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया। दर्द बढ़ा तो ज़िलें के कई चिकित्सको की राय ली और बाद में चंडीगढ़ पीजीआई में चेकअप कराया और डॉक्टरों ने जांच करने पर समीर को कैंसर होने की पुष्टि की। 2 साल से गरीब परिवार बच्चे की जान बचाने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है। पीड़ित माँ बाप ने घर बेचकर भी इलाज़ में लगा दिया। लॉक डाउन लगा तो मजदूरी भी खत्म पेट भरने तक के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ा। अब पिता पर दवाई तक के पैसों का इंतज़ाम नही है। समीर बिस्तर पर है जो चलने-फिरने से पूरी तरह मजबूर है। इसकी सबसे बड़ी वजह पैसों की तंगी भी है। समीर के वालिद इमरान पेशे से एक मज़दूर हैं। जिनका कहना है कि आमदनी ना होने के चलते मैं समीर को कहीं दिखा नहीं पा रहा हूँ बस उसको झूठी तसल्लियां देता रहता हूँ। लोकडाउन से पहले जो मज़दूरी मिलती थी। उसमें समीर को दिखा देता था लेकिन अब काम न मिलने के कारण खाने तक के लाले हैं। मैंने कई बार अपनी बात जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने की कोशिश की लेकिन कोई माकूल जवाब नहीं दिया। मैं राज्य सरकार से गुज़ारिश करता हूँ कि वो मेरी मदद करे नहीं तो मैं अपने परिवार के साथ खुदकुशी कर लूंगा। अब देखना होगा कि राज्य शासन और प्रशासन समीर को इस दर्द से निज़ात दिलाता है या ऐसे ही तड़पने के लिए छोड़ देता है। हालांकि बच्चे की खबर मिलते ही सपा पूर्व एमएलसी उमर खान भी पीड़ित परिवार से मिलने पंहुचे और हरसंभव मदद का दिलासा दिया।
बाईट:-इमरान, पीड़ित पिता
बाईट:- उमर अली खान, पूर्व एमएलसी
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