बड़ी खबर: दोनों भाजपा नेताओं के शव बरामद, सीएम ने दी श्रद्धांजलि

चमोली: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बद्री केदार मंदिर समिति के निवर्तमान अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल और ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष कुलदीप चौहान के आकस्मिक निधन पर उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिवार जनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन प्रसाद थपलियाल का जाना पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि उनके स्वयं के लिए भी यह बड़ी व्यक्तिगत क्षति है। क्योंकि जब कभी भी हम किसी मुद्दे पर राय मसवरा करते थे वो तटस्थ भाव से बडी संतुलित राय देते थे। जिसमें सबकी भलाई निहित रहती थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहन प्रसाद थपलियाल और ओबीसी के जिला अध्यक्ष का अचानक जाना बेहद दुःखद है और पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। इस दौरान मुख्यमंत्री दोनों दिवंगत आत्माओं के परिजनों से भी मिले और उनको सांत्वना देते हुए ढांढस बधाया। 

बता दे कि भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहन प्रसाद थपलियाल शनिवार को कर्णप्रयाग मे मंडल प्रशिक्षण कार्य योजना की बैठक मे भाग लेने के बाद शाम को अपने गांव तपोवन लौट रहे थे। ओबीसी के जिलाध्यक्ष कुलदीप चौहान भी उनके साथ थे। पीपलकोटी से थोड़ा आगे भनेरपानी के निकट उनकी कार अनियंत्रित होकर लगभग 300 मीटर गहरी खाई मे जा गिरी। दुर्घटना स्थल के दूसरी और की पहाड़ी पर स्थित मठ बेमरू गांव के ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। रविवार को सुबह एनडीआरफ की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। दोपहर में चट्टान पर दो बाॅडी दिखाई दी, लेकिन यहां आवाजाही के लिए रास्ता ना होने के कारण बाॅडी को पूरे दिन भर रेस्क्यू नहीं किया जा सका और अंधेरा होने के कारण सर्च आपरेशन बंद करना पड़ा।

सोमवार को कड़ी मस्कत के बाद चट्टान पर अटके दोनों शवो को एनडीआरएफ ने रेस्क्यू किया और मौके पर ही पोस्टमार्टम कर पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद पार्थिव शरीर को पीपलकोटी के न्यू बस स्टैण्ड के प्रतिक्षालय लाया गया। जहाॅ पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, तीनों विधायकों व भाजपा के अन्य नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय लोगों ने श्रद्वासुमन अर्पित कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद दोनों पार्थिव शवों को लेकर अपने पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार के लिए ले गए। जहाॅ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

             


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