आखिर क्या है पोल्ट्री वैली योजना जिससे 1 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

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सहकारिता और पशुपालन मंत्रियों ने किया संयुक्त रूप से पोल्ट्री वैली योजना का शुभारंभ

100 करोड़ से अधिक की पोल्ट्री योजना राज्य में पहली बार चलाई जा रही है

कोऑपरेटिव मिनिस्टर डॉ धन सिंह रावत और पशुपालन मंत्री  सौरभ बहुगुणा आज बृहस्पतिवार को संयुक्त रुप से यूकेसीडीपी निदेशालय राजपुर रोड़ देहरादून में पोल्ट्री वैली योजना की लॉन्चिंग की। मंत्री डॉ रावत ने इस अवसर पर कहा कि उनके विभाग की परियोजना ने पिछले 3 सालों से उत्तराखंड राज्य के किसानों की आमदनी दोगुनी की है।


इसके लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय सहकारी किसान कल्याण योजना के तहत साढ़े छह लाख लोगों को 0% ब्याज में ऋण दिया गया है। अब पोल्ट्री किसानों की आमदनी दोगुनी करने करने के लिए यह महत्वपूर्ण समय है। डॉ रावत ने कहा कि उत्तराखंड में मुर्गे और मुर्गियां राज्य से बाहर नजीबाबाद और बिजनौर से आती है अब परियोजना ने स्थानीय स्तर पर यह प्रयास कर दिया है कि पोल्ट्री किसानों को सहायता दी जाए। ताकि उनकी आमदनी दोगुनी हो और पर्वतीय अंचलों से पलायन न हो। रोजगार के असवर गाँव में ही मौजूद हों।
उन्होंने कहा कि, योजना से स्थानीय स्तर पर महिलाओं एवं युवाओं हेतु रोजगार के अवसर पैदा कर सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण होगा। डॉ रावत ने कहा कि उनके ही निर्देश में चकराता में पोल्ट्री का कार्य शुरू हुआ, अब यह पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।

कोऑपरेटिव मिनिस्टर डॉ रावत ने कहा कि पोल्ट्री वैली को कलस्टर दृष्टिकोण से स्थापित किया जाएगा। उच्च क्षमता वाले गांव या क्षेत्रों की पहचान की जाएगी ताकि एक कलस्टर दृष्टिकोण हासिल किया जा सके जो इनपुट की आपूर्ति/ खरीद और उत्पादों के विपणन के लिए पैमाने के अर्थशास्त्र और संसाधनों के अभिसरण का समर्थन करने में मदद करेगा। डॉ रावत ने कहा कि यह सामुदायिक तौर-तरीकों को साझा करके उधमिता और सीखने को भी बढ़ावा देगा। असंगठित कुक्कुट क्षेत्र को संगठित किया जाएगा और यह पूरे वर्ष भर आय का स्रोत पैदा करेगा।

इस अवसर पर पशुपालन मंत्री  सौरव बहुगुणा ने कहा कि इस योजना के लागू होने पर युवाओं को रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मातृशक्ति को भी और सशक्त होने में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा पलायन रुकेगा और रोजगार बढ़ेगा । मंत्री श्री बहुगुणा ने खुशी जाहिर की कि सहकारिता और पशुपालन विभाग आपस में मिलकर किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। बहुगुणा ने कहा कि योजनाओं को धरातल पर लाना आसान है लेकिन इन्हें कुशलतापूर्वक सफल बनाने के लक्ष्य के साथ अधिकारी कार्य करें।

सहकारिता और पशुपालन विभाग के सचिव डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि इस योजना के लिए परियोजना अवधि वित्तीय वर्ष 2022 से 2025 के लिए 5000 लाभार्थियों का लक्ष्य रखा गया है। पशुपालन विभाग द्वारा अनुदान सहायता 900 लाख, सहकारिता विभाग द्वारा ब्याज मुक्त ऋण सहायता 7963 लाख, राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना से 1500 लाख रुपये सहित कुल परियोजना की लागत 10363 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है। डॉ0 पुरुषोत्तम ने बताया कि 2 विभागों के संयुक्त प्रयास से राज्य में प्रथम बार इतने बड़े पैमाने पर यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा पोल्ट्री सेक्टर के लिए 100 करोड़ से ज्यादा की योजना पहली बार राज्य में चलाई जा रही है।

 


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