आयुष पंडित पर हुआ हमला, कहानी या सच ?

Share your love

देहरादून – पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में उत्तराखण्ड के एक चर्चित स्टिंग मामले में उमेश कुमार के खिलाफ शिकायत करने वाले व दो अन्य बड़े मामलों में सीबीआई व विजिलेंस के गवाह आयुष गौड़ ‘पंडित’ पर देर रात राजपुर इलाके में हथियारबंद अज्ञात बदमाशों ने हमला कर घायल कर दिया।

इस सनसनीखेज हमले के बाद पुलिस-प्रशासन व राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। उत्तराखण्ड के हाई प्रोफाइल स्टिंग मामले के मुख्य किरदार रहे आयुष गौड़ पर हुए प्राणघातक हमले के बाद खुफिया एजेंसियों के कान भी खड़े हो गए। हमले के पीछे कौन तत्व है इसको लेकर कयासबाजी चल रही है

सवाल ये भी है कही ये खुद पर हमला कराने जैसा मामला तो नहीं है अभी पुलिस इस मामले में जाँच कर रही है

हमले में लहूलुहान हुए आयुष गौड़ ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ राजपुर थाने में तहरीर दी है। तहरीर में लिखा है कि 19 नवंबर की देर रात राजपुर रोड के एक कैफे से निकलने के बाद साईं मंदिर की बगल से हेलीपैड वाली सड़क पर स्टाफ के लिए खाना लेने जा रहा था।

इसी बीच, 1.30 बजे अज्ञात लोगों ने उस पर सरिया, बोतल व लाठियों से हमला कर घायल कर दिया।

और गाड़ी में खींचने की कोशिश करने लगे। नीले रंग की कार व मोटर साइकिल सवार लोगों ने उनकी कार का पीछा किया और कहा कि इसको खत्म कर दो।  मुझे मारने की नीयत से कार का शीशा भी तोड़ दिया।आयुष गौड़ ने तहरीर में लिखा है कि हमलावरों से बचते हुए हम लोग अपनी कार आईटी चौकी ले गए। पुलिस बल देख कर हमलावर भाग गए। तहरीर मरण आयुष गौड़ ने हमलावरों को चिन्हित कर पकड़ने व अपने जानमाल की सुरक्षा की मांग की है।

रविवार को घायल आयुष गौड़ के फोटो व अस्पताल में कराए गए मेडिकल की फ़ोटो व वीडियो भी सोशल मीडिया में वॉयरल होते रहे।


Discover more from Lokjan Today

Subscribe to get the latest posts sent to your email.