परेशान चल रहे हैं उत्तराखंड के ठेकेदार अब मंत्री से लगाने आए हैं गुहार रहम करो मंत्री जी अब नहीं चल रहा कोई जुगाड़

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यदि आप इस मुगालते में है की उत्तराखंड में कांट्रेक्टर ठेकेदार

ऐसोआराम और नोटों में खेल रहे हैं तो आप थोड़ा गलत सोच रहे हैं

इन दिनों उत्तराखंड के पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार विभाग के नियम और शर्तों से परेशान चल रहे हैं इस बार पीडब्ल्यूडी ने रजिस्ट्रेशन के नियम कानून इतने सख्त बना दिए हैं कि कई सालों से ठेकेदारी कर रहे यह ठेकेदार अब मुश्किल में आ गए हैं जिसको लेकर आज हिमालयन संविदाकार ठेकेदार समिति का एक प्रतिनिधि मंडल विभागीय मंत्री सतपाल महाराज से

लैंसडौन विधायक दिलीप सिंह रावत के नेतृत्व में   अपनी मांगों के संबंध में प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, पर्यटन, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज से सुभाष रोड स्थित उनके कैंप कार्यालय पर भेंट की

और उन्हें अपनी समस्याओं से संबंधित एक मांग पत्र भी सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने लोनिवि मंत्री  महाराज को अवगत कराया कि लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों के पंजीकरण और नवीनीकरण की शर्तें अत्यंत जटिल कर दी गई जिसके कारण पर्वतीय क्षेत्रों के ठेकेदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज को अवगत कराया कि पंजीकरण और नवीनीकरण की कठिन एवं जटिल शर्तों के चलते पर्वतीय क्षेत्र के ठेकेदारों के आगे रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। इसलिए पंजीकरण की प्रक्रिया को पूर्व की भांति किया जाए।

लोक निर्माण मंत्री  महाराज ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वह व्यक्तिगत रूप से भी उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के सरलीकरण का मामला हो या फिर बड़ी निविदाओं को छोटा करने वह हमेशा इसके पक्षधर रहे हैं। इसलिए सभी लोग धैर्य रखें।निश्चित रूप से आपकी समस्याओं का समाधान अवश्य निकलेगा।

प्रतिनिधिमंडल में ठेकेदार नरेंद्र सिंह रावत वीरेंद्र सिंह रावत सन्तन सिंह, राकेश गौड़, दीपक जुयाल, उपेंद्र भट्ट, शंकर भंडारी, नरेंद्र डंडरियाल, आलोक नेगी, पूरण सिंह, प्रदीप असवाल, नरेन्द्र भंडारी, हेमचंद देवरानी, दिगंबर सिंह रावत, मनोज रावत और गणेश आदि शामिल थे।

 


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