सरकार ने पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की दिशा में कदम उठाए

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देहरादून : उत्तराखंड तरक्की कर रहा है। उत्तराखंड सरकार ने पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की दिशा में कदम उठाए है। जिसके लिए अब केंद्र से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है।

प्रदेश में हवाई सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस कड़ी में प्रदेश सरकार अब उत्तराखंड के दो एयरपोर्ट पंतनगर और जौलीग्रांट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की दिशा में आगे कदम बढ़ा रही है।

केंद्र ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए इससे लगे तीन किमी के क्षेत्र पर एयर स्ट्रिप बनाने को सैद्धांतिक सहमति दी है। अब यहां पर अवरोधों को लेकर अध्ययन किया जाएगा।

 

 

 

एयरपोर्ट से सटे हाथी गलियारे को नहीं हटाया जाएगा

वहीं, जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तार को राज्य ने केंद्र को बताया है कि एयरपोर्ट से सटे हाथी गलियारे को नहीं हटाया जाएगा। इस प्रकरण को सिया (राज्य स्तरीय पर्यावरणीय प्रभाव आकलन प्राधिकरण ) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि अनुमति मिल सके।

 

 

प्रदेश सरकार लगातार देहरादून में जौलीग्रांट और ऊधमसिंहनगर में पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की कवायद में जुटी हुई है। बीते वर्ष अगस्त में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात भी की थी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस कड़ी में केंद्र की टीम ने पंतनगर में एयरपोर्ट विस्तार को लेकर सर्वे भी किया था।

 

अब इसके विस्तार को सैद्धांतिक सहमति दी गई है। देखा जाए तो पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार कई मायने में महत्वपूर्ण है। यहां पंतनगर सिडकुल, सितारगंज सिडकुल व काशीपुर सिडकुल हैं। इनमें देश-विदेश की कंपनियों के उद्यम हैं।

 

 

कुछ ऐसी भी कंपनियां हैं, जिनमें कोई तकनीकी दिक्कत होने पर उसे ठीक करने के लिए विदेश से विशेषज्ञ आते हैं। काशीपुर व महुआखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। खुरपिया फार्म किच्छा को अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कोरीडोर के दायरे में लिया गया है। इसका सर्वे भी हो चुका है। इसके साथ ही उत्तराखंड से नेपाल व चीन की सीमा लगी है। ऐसे में सामरिक दृष्टि से भी यह अहम है।

 

वहीं, जौलीग्रांट एयरपोर्ट राजधानी देहरादून में ही है। धर्मनगरी हरिद्वार व ऋषिकेश भी इसके निकट हैं। ऐसे में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यह खासा मुफीद है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को विस्तार देने के लिए पहले इससे इससे सटे शिवालिक हाथी गलियारे को हटाने की बात हुई थी।

इस पर जब आपत्तियां लगीं तो इससे कदम पीछे खींचे जा रहे हैं। सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर का कहना है कि पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहे हैं। जौलीग्रांट के विषय में भी जल्द अड़चनें दूर होने की उम्मीद है।


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