7 मौतों का जिम्मेदार कौन? सुनिए पीड़ित की जुबानी क्या हुआ था शराब पीने के बाद !

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कुलदीप रावत

जहरीली शराब कांड में हुई मौत का जिम्मेदार आखिर कौन हैं। क्या एक साल पहले हरिद्वार में हुई जहरीली शराब से हुई लोगो की मौत से भी सरकार ने कोई सबक नही लिया….क्या वाकई प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार इस गंभीर मामले में शासन के ऊंचे ओहदे के अफसरों पर शख्त कार्यवाही करेगी या इस बार भी शराब माफियाओ के दबाव में इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जायेगा।  ऐसे कई अहम सवाल राजधानी की जनता के जहन में हैं। जी हा सरकारी तंत्र दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का दम तो खूब भर रहा….लेकिन जहरीली शराब कांड से जुड़ा सबसे अहम सवाल ये कि क्या वाकई अपराधी सलाखों के पीछे पहुच पाएंगे इस रिपोर्ट में देखते हैं।

https://youtu.be/Jl5SiouIo9U

राजधानी देहरादून में जहरीली शराब से हुई 7 मौतों के बाद से सरकार और पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। लिहाजा बीती देर रात से ही पुलिस महकमे सहित आबकारी विभाग में भी लगातार कार्रवाही  का दौर जारी है तो वही दूसरी ओर जहरीली शराब से अस्पतालों में अभी भी कुछ लोग जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक पुलिस भले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपाने का काम खुद ही कर रही हो लेकिन धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब से पुलिस प्रशासन और सरकार की हकीकत की शराब माफियाओं ने पोल खोल कर रख दी है।
राजधानी देहरादून में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं। 6 लोगों का इस वक्त अस्पताल में इलाज चल रहा कल रात से जारी घटनाक्रम में अभी तक आबकारी विभाग सिर्फ जांच की बात तक ही सीमित है और  खाली दिखावे के लिए छापेमारी कर रहा है आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लापरवाह अधिकारियों को चिन्हित किया जा रहा है और करीबन आधे दर्जन से ज्यादा  अधिकारियों पर गाज गिर सकती है लेकिन आबकारी विभाग में कम सिपाहियों का रोना रोकर पुरे मामले से पल्ला झाड़ रहा हैं। हालांकि अभी तक पूरे मामले पर मुख्यमंत्री ने सख्ती से जांच के आदेश जरूर दिए हैं लेकिन बढ़ती मौतों के तादाद से सरकार की जरूर किरकरी हो रही हैं जब खुद आबकारी मंत्रालय मुख्यमंत्री संभाल रहे हैं। वही जहरीली शराब प्रकरण में दूसरी ओर पुलिस महकमा अपना अलग ही राग अलाप रहा हैं। जहरीली शराब कांड मामले में 7 लोगो की मौत के बाद वरिष्ठ  पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी का कहना है कि…मामले में जो भी दोषी होगा चाहे वो कितना भी रसूकदार क्यो ना हो उसको बक्शा नही जाएगा साथ ssp ने आशंका जताई है कि…देहरादून के देशी शराब ठेकों में लाई गई शराब की खेप में भी जहर हो सकता है। जो जांच का विषय है इस पर भी जांच कराई जाएगी। यही नही जोशी का कहना है कि इस मामले में सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए है। जहरीली शराब का सेवन करने वाले घायलों को max और aims अस्पताल में शिफ्ट करवा दिया गया है पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों को बारीकी से  अध्यनन किया जा रहा है मामले में शराब तस्कर गौरव की गिरफ्तारी की जा चुकी है और अन्य लोगो की धड़पकड़ लगातार जारी है साथ ही साथ शराब तस्करों पर पूरे शहर में छापेमारी की जा रही है। हालांकि सबसे बड़ी बात ये हैं कि शराब माफिया अभी भी पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर हैं जबकि पुलिस माफिया पर गैंगस्टर लगाने की तैयारी कर चुकी हैं। वहीं इस मामले में जिले के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ एस के गुप्ता का कहना है कि… पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है। और विसरा रिपोर्ट सुरक्षित जांच के लिए रख दी गई है सीएमओ देहरादून एसके गुप्ता ने बताया कि आरंभिक जांच में पता चल रहा है मृतकों के द्वारा नशा किया गया था। यानी जहरीली शराब से ही लोगो की मौत की पुष्टि पोस्टमार्डम रिपोर्ट में भी हो गई हैं। देहरादून राजधानी के दून अस्पताल में अपना उपचार करवा रहे अंशुल का कहना है कि उनके द्वारा शराब दो रोज पहले पी गई थी और शराब उसने गौरव से ली थी वहीं अस्पताल के डॉक्टरों ने अंशुल की बिगड़ती हालत को देखकर अंशुल को ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया है।  जहरीली शराब का सेवन करने   जहरीली शराब कांड में पुलिस और प्रशासन जांच करने की बात कर रहा है। लेकिन अब देखना होगा कि  बिसरा रिपोर्ट आने के बाद पुलिस दोषियों को आखिर कब तक सलाखों के पीछे पहुचा पायेगी ?


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