सरकार की गलत नीतियों के कारण बंदी के कगार पर पहुंची राइस मिलें , आखिर क्यों प्रदेश में बंद हो रही हैं राइस मिल कौन है इसके लिए जिम्मेदार।

राजीव/ लोकजन टुडे/ रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर।
रुद्रपुर। जी हां राज्य सरकार की गलत भुगतान नीतियों के कारण वर्तमान समय में तराई में बसी में कुल 550 राइस मिलों में से 250 राईस मिले बंद हो गई है
उधर केंद्र सरकार द्वारा राइस मिलों से लेवी पर चावल खरीद बंद करने से भी अब तराई में काफी बुरे दौर से गुजर रही राइस मिले आर्थिक तंगी की मार झेल रही है
गौरतलब है कि तराई में बसे ऊधमसिंहनगर में पूरे राज्य का लगभग 90 प्रतिशत धान का उत्पादन होता और यहां किसान साल में धान की दो-दो फलसें उगाते है
https://youtu.be/AKIe2WIGx5Q
हीं कारण है कि यहां राइस मिले भी बड़ी संख्या में है पर केंद्र सरकार द्वारा राइस मिलों से लेवी पर चावल खरीद बंद करने और राज्य सरकार द्वारा राइस मिलों को काफी देर से बकाया भुगतान देने के कारण जिले की 250 राईस मिलों पर अब ताला लग गया है
राज्य सरकार का वर्तमान समय पर तराई की राइस मिलों का पिछले साल का 58 करोड़ो रूपये बकाया चल रहा है
जबकि नियमानुसार एक सप्ताह के अंदर राज्य सरकार को राइस मिलों को कस्टम मिलिंग चावल का भुगतान करना होता है
उधर तराई के प्रमुख उद्योगपति एवं केजीसीसीआई के वर्तमान अध्यक्ष अशोक बंसल का भी यह साफ कहना है कि अगर सरकार अपनी भुगतान नीतियों को सही कर ले तो तराई में बुरी तरह से कराह रहे राइस मिल उद्योगों को संजीवनी मिल सकती है
आर्थिक तंगी की मार झेल रहे राइस मिलों को अगर जल्द ही राज्य सरकार करोड़ों रूपये का बकाया भुगतान नहीं करती है तो तराई के चावल उघोग का धीरे-धीर बंदी की कागार पर पंहुचान तय माना जा सकता है।
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