लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में होगा चार धाम यात्रा दर्ज

रिपोर्ट कुलदीप रावत देहरादून

देवभूमि उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम की यात्रा में इस बार 26 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारों धाम के दर्शन कर नया रिकार्ड बनाया है। यात्रा के ढाई महीने के दौरान ही भारी तादाद में तीर्थयात्रियों ने पहुंचकर पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। यही नहीं सबसे कठिन और दूरस्थ क्षेत्र में बने केदारनाथ धाम मंदिर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इस साल अब तक सबसे ज्यादा रही। भारी तादात में चारों धामों में यात्रियों के आने से गदगद सरकार इसे लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी में जुट गई है।

उत्तराखंड में इस बार चार धाम की यात्रा 7 मई से शुरू हुई जिसमें 7 मई को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले। 9 मई को केदारनाथ धाम के और 10 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले। कपाट खुलने से लेकर अब तक 26 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने चारों धामों के दर्शन किए हैं। हालांकि अभी 3 महीने और यात्रा जारी रहेगी इस बीच यात्रियों की संख्या में और अधिक इजाफा होगा जो इस बार एक नया रिकॉर्ड बनाने की ओर है। चारधाम यात्रा के दौरान भारी तादात में तीर्थ यात्रियों के पहुंचने से सूबे के पर्यटन और तीर्थाटन मंत्री काफी गदगद नज़र आ रहे हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है कि उन्होंने केदारनाथ पर पूरा फोकस रखा। सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा हमारी पौराणिक यात्रा है। इस साल सारे रिकॉर्ड को तोड़ कर भारी तादात में तीर्थयात्री चारधाम यात्रा के लिए आ रहे है। तीर्थाटन मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया है और आभार जताया है कि केदारनाथ को उन्होंने विशेष फोकस किया है।


सतपाल महाराज, पर्यटन एवं तीर्थाटन मंत्री उत्तराखण्ड

मानसून सीजन के चलते चारधाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को तमाम दिक्कत हो रही हैं, लेकिन उन दिक्कतों के बावजूद भी यात्रियों का चारों धामों में आना जारी है। हालांकि मानसून सीजन में अब समस्याओं से निपटने के लिए सरकार ने तमाम व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया है। लेकिन जिस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश होती हैं तो उस वक्त कहीं ना कहीं मानसून सीजन में पहाड़ों पर आपदा जैसी हालत बनने लगते हैं। इस वक्त उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा भी चल रही है और कावड़ यात्रा के दौरान भी भारी तादात में कावड़िये यहां पर आ रहे हैं। सरकार चार धाम तीर्थ यात्रियों की भारी तादाद से काफी खुश है और सरकार ने तय किया है कि 27 और 28 जुलाई को प्रदेश में आने वाले कांवरियों के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी।

चारधाम से अलग हेमकुंड साहिब में भी आने वाले श्रद्धालुओं मैं काफी उत्साह का माहौल है। हेमकुंड साहिब बेहद ऊंचाई पर स्थित है, और वहां जाने के लिए करीब 19 किलोमीटर पहाड़ की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। यही नहीं हेमकुंड साहिब के दर्शन करने जाने के लिए यात्रियों को तमाम दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है। इस सीजन में भारी मात्रा में बर्फबारी हुई है और ऐसे में मानसून सीजन आने के बाद लगातार बर्फ पिघल रहे हैं। हेमकुंड साहिब में कड़ाके की ठंड पड़ रही है जिसको देखते हुए यात्री भी ऐहतियात बरत रहे हैं। मानसून सीजन में चारधाम की यात्रा करने उत्तराखंड पहुंच रहे यात्रियों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए शासन स्तर पर पहले ही संबंधित जिलाधिकारी और एसएसपी को निर्देश दिए जा चुके हैं। ताकि आने वाले किसी भी श्रद्धालु को किसी तरह की कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े। इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर गाड़ियां भी लगाई गई हैं ताकि अगर किसी कारणवश आपदा जैसी हालात बनते हैं या फिर सड़के बाधित होने जैसी कोई दिक्कत होती है तो रास्तों को तत्काल प्रभाव से खुलवाया जा सके। यात्रियों की रिकॉर्ड संख्या में आमद को देख कर सरकार काफी खुश है। पर्यटन और तीर्थाटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस बार यात्रियों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं जो कि काफी अच्छी बात है। 2013 की आपदा के बाद हर साल तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है और इसे सरकार अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है।

आइए एक नजर डालते हैं चार धाम यात्रियों की संख्या पर

बदरीनाथ धाम – 869926

केदारनाथ धाम – 801620

गंगोत्री धाम – 404220

यमुनोत्री धाम – 369414

हेमकुंड साहिब – 200562


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