मौत के बाद ही क्यों जागता है आबकारी विभाग?

 

सलमान मलिक, रुड़की 

मौत के बाद ही क्यों जागता है आबकारी विभाग?

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार को जहरीली शराब पीने से 6 लोगों की मौत हो गई। कुछ लोग अस्पताल में उपचाराधीन बताएं गए हैं। घटना के बाद से ही लोगों में आक्रोश बना हुआ है। मरने वालों में अधिकांश लोग देहरादून और उसके आसपास के इलाकों के ही बताए जा रहे हैं।राजधानी में हुये इस जहरीली शराब कांड से हड़कंप मच गया है। वहीं पुलिस और आबकारी विभाग भी बड़ी घटना के बाद हरकत में आया और ताबड़तोड़ दबिश शुरू कर दी हैं।शासन ने आयुक्त आबकारी सुशील कुमार से रिपोर्ट तलब की है। इस घटना से आबकारी विभाग व पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। कुछ दिनों पहले टिहरी के एक गांव में भी मिलावटी शराब पीने से दो लोगों की जान गई थी। उससे पूर्व रूड़की के समीप करीब तीन गांवों में भी 40 से ज्यादा लोगों की मौत जहरीली शराब के सेवन से हुई थी। इस मामले में आबकारी विभाग के पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया गया था। उन दिनों की गई मामले की जांच में पाया गया था कि शराब में मिथेलॉन मिला हुआ था। बाद में उस मामले में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कई लोग गिरफ्तार किए गए थे।

रुड़की क्षेत्र के 3 गांवों में जहरीली शराब पीने से 40 लोगों की मौत के बाद आबकारी विभाग की पूरी टीम निलंबित कर दी गई थी। वही देहरादून से लेकर हरिद्वार तक की आबकारी टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर कच्ची शराब बनाने की कई भटट्टियों को नष्ट किया था। और कई लोगों को गिरफ्तार किया था लेकिन घटना के कुछ महीनों बाद ही आबकारी विभाग फिर से सुस्त नजर आने लगा है। और पिछले कई दिनों से किसी तरह की छापेमारी की सूचना आबकारी विभाग की ओर से नहीं आई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रुड़की का आबकारी विभाग किसी बड़ी घटना को होने के बाद हरकत में आता है। वहीं राजधानी में हुई घटना के बाद आबकारी की टीम ने अंग्रेजी और इंग्लिश दोनों शराब के ठेकों पर आबकारी विभाग ने छापे मारेे और शराब के सैंपल लिये। टीम नेे सब्जी मंडी, रामनगर और रोडवेज पर अंग्रेजी और देसी शराब के ठेकों पर जांच की।


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