कुलदीप रावत


डेंगू के मच्छर ने रोक दी रुड़की शराब कांड की जांच जी हां हम बिल्कुल सही कह रहे हैं आप सोच रहे होंगे कि एक मच्छर आखिर जांच कैसे रोक सकता है यह तो सरासर अधिकारियों कि काम चोरी और बहानेबाजी है
याद कीजिये रुड़की में जब 8 फ़रवरी जहरीली शराब ने 40 लोगो की जान लील ली थी और याद कीजिए वो दिन जब सरकार ने कहा था छोडेंगे नहीं.. याद कीजिए वो दिन जब सरकार ने जांच समिति का गठन किया था और जांच 6 महीने मे पूरी करके दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की संतुति की थी… लेकिन जनता भूल जाती है कौन याद रखता है अफसर मौज काटते है और मुख्यमंत्री की फ़जीहत होती है लेकिन ये भी सचाई है कि लोकजन टुडे बिलकुल नहीं भूलता जब इस मामले मे जांच समिति के अध्यक्ष से बात की तो साहब ने जो बताया वो किसी भद्दे मज़ाक़ से काम नहीं था साहब का कहना था रिपोर्ट 6 महीने मे पूरी करनी थी लेकिन डेंगू ने रिपोर्ट बनाने मे अड़ंगा लगा दिया.. जांच अधिकारी साहब का स्टेनो लंबी छुट्टी पर चला गया है उन को डेंगू जो हो गया है तो क्या विभाग के पास सिर्फ एक ही स्टेनो है हे भगवान क्या होगा ऐसे अधिकारियो का जो मोटी तनख्वाह ले कर डकार तक नही मार रहे लगता है ऐसे अधिकारियो का मानना है जो मरता है तो मरे हमें तो समय पर तनख्वाह चाहिए बेशर्मी की भी हद होती है लेकिन लगता तो ये भी है कि मुखिया भी भूल गए अपने द्वारा दिए आदेशों को और अब शायद याद आ जाये क्योंकि राजधानी की घटना है 7 लोगो की मौत हो चुकी है शायद फिर एक जांच एजेंसी का गठन और मोटा खर्चा जिसके बाद होंगी चर्चा जैसी टीम का गठन मरने वाले मर गए जिन्हे उजाड़ना था वो उजड़ गए शायद कुछ मुआवजा मिल जाए जो कभी अपने के जाने की वजह और स्थान कभी पूरा नहीं कर पायेगा…
आप भी सुनिए एकल जांच समिति के अध्यक्ष नृप सिंह नपच्याल जी का वह बयान जिसमें डेंगू के मच्छर ने रोक दी जांच
https://youtu.be/VDNhlzM-rM0
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