
नैनीताल। कोरोनावायरस कोविड-19 कि वैश्विक महामारी ने उत्तराखंड को सामाजिक आर्थिक और सांस्कृतिक नुकसान भी पहुंचाया है इसका सबसे बड़ा उदाहरण है जून के दूसरे सप्ताह से शुरू होने वाली विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा जिसको विदेश मंत्रालय द्वारा रद्द कर दिया गया है…इस बार बम बम भोले की गूंज न सुनाई देगी और न देशभर से आने वाले कैलाश मानसरोवर यात्रियों का दल दिखाई देगा,कोरोनावायरस की वजह से इस साल यात्रा को रोक दिया गया है लिहाजा आस्था पर भी कोरोना वायरस का यह असर दिखाई दे रहा है। हर साल 12 जून को शुरू होने वाली इस यात्रा में कोविड19 ने इस बार ऐसा जहर घोल दिया है जिससे कि यह पौराणिक यात्रा इस बार स्थागित कर दी गई है, ऐसे में अब कैलाश मानसरोवर के यात्रियों को भगवान भोलेनाथ का सहारा है कि वह इस वायरस को खत्म कर विश्व में फिर से भक्तो की आस्था और धर्म की जीत सुनिश्चित करेंगे इस यात्रा के ना होने के चलते इस बार उत्तराखंड में इस यात्रा का संचालन करने वाली संस्था….केएमवीएन(कुमाऊं मंडल विकास निगम) को 4.5 करोड़ से भी अधिक का नुकसान होगा.
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