पुलिस की जान मान और सम्मान का दुश्मन बनता जा रहा अवैध खनन

कुलदीप रावत

जीरो टॉलरेंस की सरकार में सुरक्षित नहीं है पुलिस भी अवैध माफिया खनन सरकार पर इतना भारी पड़ रहा है कि पुलिसकर्मियों की जान मान और सम्मान का दुश्मन बन बैठे है अभी पिछले दिनों देहरादून के विकासनगर में पुलिस के सिपाही को खनन कर्मियों के द्वारा ट्रैक्टर ट्रॉली से कुचलने का प्रयास किया गया वही उत्तराखंड पुलिस के एक दरोगा को खनन कर्मियों को रोकने पर तबादला थमा दिया गया आखिर क्यों उत्तराखंड में पुलिस की जान और सम्मान का दुश्मन बन बैठा है यह खनन

फोटो  शाहिद हुसैन दरोगा

 

अवैध खनन पर अधिकारियों के हवाई दावे।।।

अवैध खनन पर कार्यवाही करना दारोगा को पड़ा महँगा।।।

आखिर कहा गई मित्रता सेवा सुरक्षा की निष्ठा ?

प्रदेश भर में चल रहे अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के दावे यू तो सभी अधिकारी पूरी ईमानदारी से करते है लेकिन ईमानदारी से आदेशों का पालन करने वालों का महकमा ही दुश्मन बना बैठा है अब इसे नेताओं का दबाव कहे या रिश्वत की ताकत इस बात से तो बेताल घाट के थानेदार साहब ही पर्दा उठा सकते है जो दारोगा को विधायक का हवाला देते हुए अवैध खनन के डंपरों पर कार्यवाही करने से रोक रहे है बरहाल नैनीताल जिले में अवैध खनन करने वाले माफियाओं से पुलिस की सांठगांठ के खेल का ऑडियो क्लीप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें तैनात दारोगा सादिक को अवैध खनन के खिलाफ कार्यवाही करने से स्थानीय थानेदार रोहताश सागर के द्वारा रोका जा रहा है सोशल मीडिया पर दारोगा और थानेदार के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है जिसनें मित्र पुलिस की कार्यशैली को सवालों में खड़ा कर दिया है

 

 

अवैध खनन से लदे ट्रैकों को पकड़ने से मना किया गया लेकिन जब दारोगा नही माना तो ऐसा न करने की कीमत दारोगा सादिक को चुकानी ही पड़ी जिसके बाद सादिक का ट्रांसफर नैनीताल से बागेस्वर कर दिया गया इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि खनन माफियाओं की पहुँच कितने ऊपर तक है और इस घटना ने ये भी साबित कर दिया कि पुलिस किसकी उंगलियों पर चल रही है


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