नगर निगम मेयर और एमएनए नही मानते उच्च न्यायालय का आदेश, – के पी गंगवार।

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रूद्रपुर। उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने वाले मुख्य नगर अधिकारी व मेयर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी समेत शासन प्रशासन को प्रार्थना पत्र भेजकर न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने की मांग की गई है।

जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में केपी गंगवार ने बताया कि किच्छा रोड पर उनका एक भूखंड है, अन्य लोगों की भांति वह भी बरसों से उस भूखंड पर काबिज हैं उनके भूखंड से संबंधित 2 मुकदमें 43/2016 ब 49/2016 सिविल न्यायालय में विचाराधीन हैं, के पी गंगवार ने आरोप लगाया कि विगत दिनों रुद्रपुर नगर निगम के भाजपा मेयर रामपाल ने अपने साथियों सहित भूखंड पर जाकर 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगते हुए गाली गलौज व मारपीट की थी तथा पैसा ना देने पर जबरदस्ती भूखंड खाली कराने की धमकी दी थी, जिसकी शिकायत पर मेयर रामपाल पर कोतवाली रुद्रपुर में मुकदमा संख्या 152 /19 दर्ज है। इसी मामले में एक बाद राज्य मानव अधिकार आयोग में भी दर्ज है जिस से आक्रोशित होकर मुख्य नगर अधिकारी जय भारत सिंह व मेयर रामपाल को बचाने व के पी गंगवार पर दबाव बनाने के लिए शहर का कूड़ा भूखंड पर डलवाने लगे और नगर निगम के कर्मचारियों से धमकी दिलाकर केपी गंगवार को झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश करने में लग गए,
केपी गंगवार अपने भूखंड को बचाने के उद्देश्य से माननीय उच्च न्यायालय की शरण में गए माननीय उच्च न्यायालय ने रिट संख्या 1396 /2019 में केपी गंगवार के पक्ष में स्थगन आदेश पारित करते हुए उन्हें भूखंड से बेदखल ना करने के आदेश पारित कर दिए हैं।
वही गंगवार द्वारा आदेश की प्रति सभी को प्राप्त करा दी है इसके बावजूद मुख्य नगर अधिकारी व मेयर केपी गंगवार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन कर भूखंड पर कूड़ा डलवा कर बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं और नगर निगम के कर्मचारियों से गाली-गलौज कराकर उत्पीड़न करने में लगे हैं गंगवार द्वारा जब नगर निगम कर्मचारी ज्ञानचंद से बात की गई तो ज्ञान चंद ने कहा कि मेयर साहब ने कहा है कि कूड़ा यही पड़ेगा वह किसी न्यायालय के आदेश को नहीं मानते पहले भी कितने आदेश नहीं माने तो न्यायालय ने क्या कर लिया न्यायालय के आदेश की उन्हें कोई परवाह नहीं है हम वही करेंगे जो चाहेंगे न्यायालय उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता केपी गंगवार ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी समेत शासन व प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपकर माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने वाले मुख्य नगर अधिकारी और मेयर व नगर निगम कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है तथा न्यायालय के आदेश का पालन कराए जाने की मांग की है।


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