डीआईजी की छापेमारी! अपनी ही टीम पर क्यों उठाया बड़ा सवाल!

आखिर कप्तान को गेलॉर्ड बेकरी की शिकायत किसने की.. सवाल तो उठता है जनाब.. कप्तान ने क्यों कहा पैसे लेते हो इससे.. कप्तान ने अपनी ही टीम पर क्यों लगाया आरोप… सवाल तो उठता है जनाब...

डीआईजी अपनी टीम को हड़काते हुए

डीआईजी अरुण मोहन जोशी की बातों में दम तो नजर आता है जहां पूरे प्रदेश और देहरादून पुलिस चौकस नजर आती है वही अचानक कप्तान आते हैं और अपनी टीम की चौकसी की दावेदारी पर बड़ा निशान लगा जाते हैं अगर देखा जाए तो कप्तान की बातों में दम इसलिए भी नजर आता है कि वह घंटाघर जहां पूरे जिले की पुलिस मौजूद रहती हो कईयों के चालान हो जाते हो जिस चौराहे पर लॉक डाउन का पालन कराया जाता हो ऐसे शहर के बीचो बीच इलाके में इतनी बड़ी भूल कैसे हो सकती है कि दुकानदार दुकान भी खोलता है सोशल डिस्टेंसिंग के लिए घेरे भी नहीं बनाता है और ना ही जागरूकता का कोई बोर्ड लगाता है पूरे देश से जबकि देश के प्रधानमंत्री हो या प्रदेश के मुख्यमंत्री सभी लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर बड़े-बड़े भाषण दिए हैं और घंटाघर का यह दुकानदार लगता है जिले की पुलिस को भी ठेंगा दिखाता है लेकिन आज इस के ठेंगे की हैकड़ी डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने निकाल दी यह तो हद ही हो गई जनाब घंटाघर पर इतनी बड़ी दुकान आखिर किस के इशारों पर सोशल डिस्टेंसिंग का माखौल उड़ा रही थी 

प्रधानमंत्री जी  भी कई बार बता चुके है वाकई शर्म की बात है सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाना है तभी कोरोनावायरस से जंग जीती जा सकती है लेकिन इस दुकानदार ने तो हद ही कायम कर दी.. ना तो इस दुकानदार ने कोई सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करने के लिए घेरे बनाए हुए थे  ना ही किसी भी  प्रकार से कोई बोर्ड लगाया हुआ था आखिर  कैसे देहरादून पुलिस  से चूक हो गयी  लगता तो ऐसा है कि कप्तान साहब को किसी ने तो शिकायत की थी कि बेकरी वाले से वसूली की जाती है तभी तो कप्तान साहब ने अपनी टीम को ही कटघरे में खड़ा कर दिया अपनी टीम पर इतना बड़ा आरोप लगाने का दम चाहिए साहब… वाकई कप्तान हो तो ऐसा… सच को सच कहने की हिम्मत जुटा पाना सबके बस की बात नहीं… कप्तान साहब ने जिस तरह से आज एक्शन दिखाया है हो सकता है शाम तक कोई बड़ा फैसला भी ना आ जाये… आखिर इतनी बड़ी चूक पुलिस से हुई कैसे… क्या यह दुकानदार रोज ऐसे ही दुकान खोलता था.. या आज ही खोली थी इस दुकानदार ने दुकान… अगर रोज दुकान खोलता था तो क्यों नहीं पड़ी इस पर किसी भी पुलिस अधिकारी की नज़र.. वह कहते हैं ना जब पकड़ा जाए तो चोर नहीं तो शरीफ… कुछ ऐसा ही था डीआईजी का दौरा जो कई सवालों को जन्म दे गया अब देखने वाली बात ये होगी कि शहर में ऐसे दुकानदारों के खिलाफ क्या एक्शन करती है देहरादून पुलिस… 

https://youtu.be/8ceipwEEpWo

 


Discover more from Lokjan Today

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *