क्या अब CBI सुलझाएगी अधिवक्ता राजेश की हत्या की गुत्थी।।।

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देहरादून।।
बहन की निस्वार्थ लड़ाई का कब होगा अंत ?

क्या अब CBI सुलझाएगी अधिवक्ता राजेश सूरी हत्या की गुत्थी।।

पुलिस ने भी CBI से ही जाँच करवाने के लिए शासन को भेजा पत्र।।

न्यायालय भी पूर्व में दे चुका है संदिग्धों के नार्को लाई टेस्ट करवाने के आदेश।।

पाँच साल पुराने चर्चित अधिवक्ता राजेश सूरी हाई प्रोफाइल हत्याकांड मामलें में राज्य पुलिस ने पूरे मामलें की CBI से जाँच करवाने की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेज दी है आपको बता दें कि मामला नवंबर 2014 का है जब नैनीताल से लौटते वख्त ट्रैन में अधिवक्ता सूरी की अचानक तबियत बिगड़ गई और 24 घंटे के बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।। अधिवक्ता की हत्या षड्यंत्र के तहत की गई ऐसा उनकी बहन रीटा सूरी का दावा है मृतक के द्वारा पूर्व में खुद के बयानों की बनाई गई सीडी के आधार पर ही मृतक की बहन रीटा ने कोतवाली में हत्या का मुदकमा दर्ज करवाया था और हत्या करवाने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाने की लंबी लड़ाई भी लडती आ रही है, हालाँकि पूर्व में हुई जांच में पुलिस की तरफ से फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी लेकिन माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों पर ही मामलें की दोबारा जांच की गई जिसके बाद जाँचधिकारी ने सीबीआई से पूरे मामलें की जाँच करवाने के लिए पत्र भेजा है इससे ये पता चलता है कि मामला कितना हाई प्रोफाइल है जिसमें अरबों खरबों की सरकारी भूमियों पर कब्जा कर खुर्द बुर्द करने वाले भूमाफिया शामिल है इसीलिए राजेश सूरी की हत्या सहित सरकारी भूमियों के मामलों की जाँच CBI से करवाने की माँग की जा रही है मृतक की बहन रीटा सूरी के मुताबिक खरबों की जिन सरकारी भूमियों पर भूमाफियाओं ने कब्जे किए है उन सभी का हाँथ राजेश सूरी की हत्या के पीछे है जिन्होंने सिर्फ इसलिए राजेश सुरी को रास्ते से हटाया क्योंकि राजेश उन तमाम मामलों की हाई कोर्ट में पैरवी कर रहा था लंबा समय बीत जाने और हाई प्रोफाइल मामला होने की वजह से ही CBI से जांच करवाने की माँग की गई, हालांकि पाँच साल बीत जाने के बाद भी रीटा सूरी ने हार नही मानी है उनका कहना है कि जब तक हत्या के आरोपी और सरकारी भूमियों को खुर्द बुर्द करने वाला भूमाफिया गैंग सलाखों के पीछे नही जाता, तब तक वो चैन से नही बैठेंगी, फिर चाहे उन्हें इस लड़ाई के लिए सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति तक भी क्यों न जाना पड़े ,क्योंकि ये उनकी मातृभूमि की लड़ाई है

*मदद के नाम पर धोखा*
जी हाँ मृतक अधिवक्ता राजेश सूरी की बहन की मदद के लिए फरवरी 2019 में जो वकील आया था उसने भी तमाम दस्तावेजो और रिटो को अपने कब्जे में ले लिया है जिस मामलें की जाँच भी पुलिस ही कर रही है हालाँकि सवाल ये है कि रीटा की मदद के लिए हाँथ बढ़ाने वाला व्यक्ति भी कही उन्ही आरोपियों का मोहरा तो नही था जिसने मदद के नाम पर रीटा सूरी के पास मौजूद तमाम दस्तावेज कब्जाने के लिए षडयंत्र रचा था अब ये तो पुलिस की जाँच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगा।।।

*अनसुलझे सवाल कौन देगा जवाब*

8 सितम्बर 2014 को आया था धमकी भरा फोन,जान से मरवाने की दी थी धमकी।।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्टअटैक से मौत,विसरा में जहर कि पुष्टि।।।

कोर्ट परिसर के चैंबर से चोरी हुए तमाम दस्तावेज।।।

सुरक्षा में तैनात गनर भी नही गया था साथ।।।

बरहाल सावल अब ये है कि गृह विभाग में पहुँच चुकी फ़ाइल कब तक सीबीआई को सौंपी जाएगी ताकि अधिवक्तता राजेश सूरी की हत्या के साथ ही सरकारी भूमियों पर कब्जा करने वालों के चेहरे बेनकाब हो  और आरोपियों को सजा दिलाई जा सके।।।


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