कुलदीप रावत

भारतीय जनता पार्टी अनुशासन का पाठ पढ़ती और पढ़ाती अक्सर नजर आती है लेकिन भाजपा अनुशासन के मामले में छोटे कार्यकर्ताओं पर तो एक्शन कर देती है वही बड़े कार्यकर्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने से कतराती है इसका जीता जागता उदाहरण कुंवर प्रणव चैंपियन है कुंवर प्रणव चैंपियन के द्वारा जब मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दी गई तब जाकर पार्टी ने उन्हें ना चाहते हुए भी 6 साल के लिए निष्कासित किया यदि अनिल बलूनी पहल नहीं करते तो शायद प्रदेश भाजपा अनुशासन कमेटी कर भी नहीं पाती वही उनके साथ सुर से सुर मिला रहे रुड़की के झबरेड़ा विधायक देशराज पर कोई भी एक्शन नहीं लिया माना कि कुंवर प्रणव चैंपियन झबरेड़ा विधायक को भला बुरा कहा लेकिन झबरेड़ा विधायक देशराज ने भी उनके ऊपर अपने शब्दों से कोई फूल नहीं बरसाए वही ताजा मामला रायपुर के विधायक उमेश शर्मा काऊ का भी है इस पंचायत चुनाव में अपने ही पार्टी के प्रत्याशी को हराने का जिनका ऑडियो वायरल हुआ है पार्टी के द्वारा उनको नोटिस देकर ही फिलहाल मामले में इतिश्री किया गया है लेकिन वही इस पंचायत चुनाव में अब तक 96 भाजपा कार्यकर्ता जिनमें से कुछ पदाधिकारी भी मौजूद है उनको निष्कासित कर दिया गया है
अब यह भारतीय जनता पार्टी का न्याय का कौन सा पैमाना है यह तो पार्टी ही स्पष्ट कर सकती है अब यदि धुआं उठेगा तो दूर तलक जाएगा ही अंदर खाने अपने ही पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस कार्रवाई को अनुचित ठहरा रहे हैं उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर इस कार्रवाई को अनुचित ठहराया है क्योंकि यदि कार्रवाई करनी है तो सब पर एक ही डंडे से कीजिए यही न्याय है यही सुशासन है
डॉक्टर देवेंद्र भसीन प्रदेश मीडिया प्रभारी का बयान
https://youtu.be/O4RWhTaXZuA
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