
कुलदीप रावत

सन 1860 में अंग्रेजों के बसाये गए टी स्टेट गार्डन में इन दिनों कंपनी मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ गया है कंपनी का आरोप है कि टी स्टेट के कर्मचारी अवैध तरीके से कंपनी की जमीन पर निर्माण कर रहे हैं जिसके बाद कंपनी मैनेजमेंट के द्वारा पुलिस के द्वारा निर्माण कार्य रुकवा दिया गया लेकिन इसके उलट कर्मचारियों का आरोप है कि यह जमीन कंपनी की है ही नहीं बल्कि कंपनी अंग्रेजों की तरह हम पर अत्याचार कर रहे हैं कर्मचारियों का आरोप है कि टी स्टेट कंपनी के द्वारा पिछले ढाई सौ साल से यह जमीन हमारे पुरखों को दी गई है आज इस जमीन पर तीसरी पीढ़ी रह रही है इसके साथ ही कर्मचारियों का कहना हैं कि यह जमीन ग्राम समाज की है कंपनी मैनेजमेंट हम सब को धमका रही हैं हालांकि वह इस बात से इंकार नहीं कर रहे कि यह जमीन कंपनी के द्वारा नहीं दी गई है लेकिन उनका कहना है कि 1862 से उनके पुरखे यहां काम कर रहे हैं तब उस वक्त उनको कंपनी के द्वारा एक-एक कमरा अलॉट हुआ था लेकिन वक्त के साथ आज उनका परिवार बढ़ रहा है ऐसे में एक मकान में कैसे बड़ा परिवार रह पाएगा फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर कंपनी मैनेजमेंट और कर्मचारी अपनी अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं
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