उत्तराखंड में लागू होगा एनआरसी मुख्यमंत्री ने दिए संकेत

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उत्तराखंड में भी लागू होगा एनआरसी मुख्यमंत्री ?

कुलदीप रावत देहरादून

एनआरसी को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने एक बड़ा बयान दिया है
एनआरसी को लेकर सीएम ने कहा कि कहा इसको देखेंगे कि हमारे राज्य में उसकी आवश्यकता है कि नहीं ।एनआरसी की बात जो उठी वह बिल्कुल सही बात है और ये लंबे समय से देश के अंदर यह समस्या चल रही है.

बुद्धिजीवी वर्ग में चर्चा है कि अगर घुसपैठ से बचना है तो जिन राज्यों ने एनआरसी लागू किया बहुत अच्छा किया है.
हम भी अपनी कैबिनेट के साथ बैठकर इसमें विचार करेंगे और आवश्यकता महसूस हुई तो राज्य में इसे लागू किया जाएगा.
हमारा राज्य सीमांत राज्य है और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से घिरा हुआ है अगर इस तरह की बात कोई सामने आती है तो हमारे लिए गंभीर मसला हो सकता है.

देखिए मुख्यमंत्री का बयान

https://youtu.be/k09-BZi7umw

क्या है आखिर एनआरसी

असम अब तक भारत का पहला ऐसा पहला और एकमात्र राज्य है जिसके पास राष्ट्रीय नागरिक पंजी है। नागरिकता हेतु प्रस्तुत लगभग दो करोड़ से अधिक दावों (इनमें लगभग 38 लाख लोग ऐसे भी थे जिनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावजों पर संदेह था) की जाँच पूरी होने के बाद न्यायालय द्वारा एन.आर.सी. के पहले मसौदे को 31 दिसंबर 2017 तक प्रकाशित करने का आदेश दिया गया था। 31 दिसंबर 2017 को बहु-प्रतीक्षित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का पहला ड्राफ्ट प्रकाशित किया गया। कानूनी तौर पर भारत के नागरिक के रूप में पहचान प्राप्त करने हेतु असम में लगभग 3.29 करोड आवेदन प्रस्तुत किये गए थे, जिनमें से कुल 1.9 करोड़ लोगों के नाम को ही इसमें शामिल किया गया है।

असम में नागरिक पंजी को आखिरी बार 1951 में अद्यतन किया गया था। उस समय असम में कुल 80 लाख नागरिकों के नाम प्ंजीकृत किए गये थे। देखते हैं उत्तराखंड में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कैबिनेट में कितनी जल्दी एनआरसी का प्रस्ताव लाते हैं और उत्तराखंड में इसे लागू कर पाते हैं


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