
पौड़ी – प्रदेश के विद्यालयी शिक्षामंत्री अरविंद पांडे भले ही शिक्षा व्यवथा को सुधारने के लाख दावे करें पर हकीकत कुछ और ही है। राज्य में शिक्षा का बुरा हाल केवल दुर्गम क्षेत्रों में ही नहीं बल्कि सुगम क्षेत्रों में भी है कहीं शिक्षक नहीं हैं तो कहीं शिक्षक स्कूलों में कई दिनों बाद जाते हैं। तो वहीं पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक में स्थित बैजरों इंटर कॉलेज के विद्यार्थी शिक्षकों की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों प्रदर्शन कर रहे हैं। ये हालात पौड़ी जिले के तब हैं जबकि इस जिले से कई मुख्यमंत्रियों समेत अहदेदार अधिकारी रहे हैं। और वर्तमान में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इसी जिले से आते हैं। आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि जब इस जिले में शिक्षा की ये हालत है तो राज्य के अन्य जिलों में क्या हाल होंगे। शिक्षकों के न होने से नौनिहालों का भविष्य अधर में लटका हुआ है तो उधर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के सिर पर चिंता की लकीरें दिख रही हैं। जबकि सरकार ने इस मसले पर अभी तक कोई ठोस कदम या कार्यवाही नहीं कि है। बैजरो राजकीय इंटर कॉलेज में करीब 300 से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ती हैं लेकिन विद्यालय में शिक्षकों के न होने से बच्चों का भविष्य अधर में लटकता दिखाई दे रहा है । हालांकि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे हाल में ही विभागीय बैठक भी कर चुके हैं और विभाग के सचिव को दुर्गा और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षक भेजने की बात कह चुके हैं बावजूद इसके छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं मिल रहे हैं
वहीं राजकीय इंटर कॉलेज की छात्राओं की मानें तो उनके विद्यालय में शिक्षकों के ना होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिसे लेकर छात्र-छात्राओं ने रैली निकाली। रैली के जरिये सरकार का विरोध करते हुए मांग की है कि या तो सरकार स्कूल को बंद करे या शिक्षक दे। विद्यार्थियों ने कहा की पिछले कई सालों से शिक्षकों की मांग हो रही है लेकिन सरकार ने इस पर धयान नहीं दिया।
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वहीं राजकीय इंटर कॉलेज की छात्राओं की मानें तो उनके विद्यालय में शिक्षकों के ना होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिसे लेकर छात्र-छात्राओं ने रैली निकाली। रैली के जरिये सरकार का विरोध करते हुए मांग की है कि या तो सरकार स्कूल को बंद करे या शिक्षक दे। विद्यार्थियों ने कहा की पिछले कई सालों से शिक्षकों की मांग हो रही है लेकिन सरकार ने इस पर धयान नहीं दिया।