देहरादून:
उत्तराखंड में शायद ही ऐसा कोई मॉनसून रहा होगा, जो आपदा के निशान छोड़कर न गया हो. इस बार भी आखिर में मॉनसून ने उत्तराखंड को बड़ा जख्म दिया शनिवार तड़के देहरादून जिले के मालदेवता क्षेत्र में आई आपदा ने वहां सब कुछ बर्बाद कर दिया. इस बार की आपदा में एक तस्वीर नेताओं की सामने आई है. नेताओं द्वारा इस बार हवाई सर्वे नहीं किया, बल्कि खुद मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग किया और मुश्किल हालात में भी मौके पर ही डटे रहे.

मालदेवता के सरखेत में शनिवार तड़के बादल फटने के बाद भयंकर तबाही हुई. पानी का सैलाब अपने साथ सब कुछ बर्बाद करके ले गया. कई जिंदगियां अभी भी मलबे के नीचे दफ्न हैं. ऐसी आपदा के समय मंत्री और बड़े नेता एसी कमरों में बैठकर ही हालात का जायजा लेते रहते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है. जैसे ये खबर सामने आई कि बादल फटने की वजह से मालदेवता इलाके में भयंकर तबाही हुई सरकार के मंत्री खुद आपदाग्रस्त क्षेत्रों की तरफ दौड़े और राहत एवं बचाव कार्य में लगी टीमों के साथ मिलकर पूरी स्थिति का जायजा भी लिया.

गणेश जोशी पहुंचे सबसे पहले ग्राउंड जीरो पर
राजधानी देहरादून के मालदेवता में जैसे ही बादल फटा मौके पर पहुंचने वालों में सबसे पहले कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ही थे. बेहद खतरनाक और उफनती नदी के किनारे जान की परवाह किए बिना गणेश जोशी आपदाग्रस्त क्षेत्र में पहुंचे थे. बीते 4 दिनों से भी गणेश जोशी लगातार इलाके का भ्रणम कर रहे हैं. शायद यही कारण है कि पिछले चार बार से वो लगातार विधायक बन रहे हैं.
मौके पर ही आपदा राहत के चेक किए मंत्री गणेश जोशी ने वितरित
मंत्री गणेश जोशी के द्वारा मालदेवता के आपदा प्रभावित क्षेत्र सरखेत पहुंचकर 18 परिवारों को ₹1,05,700 के राहत राशि के चेक वितरित किए इसके साथ ही उन्होंने कहा आपदा प्रभावितों का जीवन पुनः सुचारू रूप से शुरू करवाने के लिए उन्हें शीघ्र ही विस्थापित किया जाएगा और सरकार द्वारा उनकी प्रत्येक आवश्यकता को पूर्ण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री से मिल आपदा प्रभावितों को विस्थापित करने का किया अनुरोध
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के द्वारा सचिवालय में मामले की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री से भेंट कर उनके समक्ष सरखेत व छमरौली तथा जनपद टिहरी के ग्वालीडांडा, तौलियाकाटल, सोंदना, चिफल्टी एवं सीतापुर के आपदा प्रभावितों की समस्याएं रखी और आपदा प्रभावितों को शीघ्र ही विस्थापित किए जाने का अनुरोध किया साथ ही आपदा प्रभावितों को जिला प्रशासन द्वारा दिए गए मुआवज़े के अतिरिक्त मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष या मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया वही मुख्यमंत्री ने सभी प्रभावितों को हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के द्वारा जिस तत्परता लगन मेहनत से आपदा से प्रभावित जनता के बीच रहकर उनके दुख को समझ कर हर वक्त मुस्तैदी से कार्य किया गया उसकी हर तरफ जमकर सराहना की जा रही है सच भी है जनप्रतिनिधि जनता के बीच में ही सुख दुख में हमेशा साथ रहना चाहिए यह अन्य नेताओं के लिए एक बड़ा उदाहरण भी है
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