संवादाता: करन सहगल
देहरादून: कहते हैं ना प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।इस कहावत को साबित किया है आठवीं में पढ़ने वाले 13 वर्षीय विपुल जोशी ने । सेंट जोसेफ स्कूल नैनीताल में पढ़ने वाले इस छात्र ने अंग्रेजी में “गैरी एडवेंचर” नामक उपन्यास लिख इतिहास रचा डाला है।उपन्यास कल्पनाओं की जादुई दुनिया, रोमांचक घटनाओं और दोस्ती के खूबसूरत रिश्ते पर आधारित है। उपन्यास में एक साहसी बच्चा अपने माता-पिता द्वारा बनाये गये अमरता के अमृत को खोजता है और कई कठिनाइयों व शैतानी शक्तियों का सामना करते हुए अपने गांव को बचाता है।
मूल रूप से चंपावत जिले के देवीधुरा क्षेत्र के डूंगराकोट व हाल नैनीताल के मल्लीताल निवासी विपुल जोशी नैनीताल के सेंट जोसेफ कालेज में कक्षा आठवीं का छात्र है। उनके पिता विपिन जोशी हाई कोर्ट में समीक्षा अधिकारी व माता सुनीता जोशी, जीआईसी बगड़ में अंग्रेजी की शिक्षिका हैं। जबकि छोटी बहिन आध्या जोशी सेंट मेरी कॉलेज नैनीताल में कक्षा दो में पढ़ती है।
विपुल को बचपन से ही अपनी पढ़ार्ई के साथ ही विभिन्न विषयों, रोमांचक व जादुई किताबें पढऩे के अतिरिक्त उन्हें गिटार बजाना, शतरंज खेलना व संगीत सुनने का शौक है। विपिन के अनुसार गैरी एडवेंचर: एलीक्सर ऑफ एंमोर्टलिटी नामक अंग्रेजी उपन्यास लिखा है, जो हाल ही में प्रकाशित हुआ है।
विपुल यह उपन्यास पिछले लगभग दो वर्षों से लिख रहे थे, नियमित स्कूल पढ़ाई के कारण ज्यादा समय नहीं दे पा रहे थे परन्तु कोविड-19 के लॉकडाउन के अवसाद भरे वातावरण को अवसर में बदलकर उन्होंने अपना यह उपन्यास पूरा किया। वह भविष्य में इस रोमांचक कहानी की श्रृंखला व अन्य पुस्तक लिखना चाहते हैं।
विपुल अपने माता पिता को अपनी प्रेरणा का स्रोत बताते हैं, जबकि परन्तु उनके माता – पिता के अनुसार यह विपुल की स्वयं की प्रतिभा है। बचपन से ही कई प्रकार की पुस्तकों को पढऩे के उनके शौक ने उन्हें कल्पनाओं के असीमित संसार ने लेखक बनने को प्रेरित किया तथा विपुल ने एक सुन्दर कहानी को दियो रोमांच व जादुई धागे से पिरोकर पुस्तक रूप प्रदान किया है। यह उपन्यास अमेजन, गूगल प्लेबुक्स व फ्लिपकार्ट में ई बुक्स के रूप में उपलब्ध है। जिसे पाठक खूब पसंद कर रहे हैं।
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