रुद्रपुर: भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने का डंका बजाने और जीरो टॉलरेंस की सरकार चलाने का दम भरने वाले मुख्यमंत्री अगर इतने ही ईमानदारी से सरकार चला रहे हैं तो आखिरकार माननीय उच्च न्यायालय से सीबीआई जांच के आदेशों के खिलाफ क्यों मुख्यमंत्री को सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाना पड़ा।
सूबे के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रहे कद्दावर नेता तिलकराज बेहड़ ने आज अपनी गिरफ्तारी के दौरान मीडिया से बातचीत के करते हुए यह सवाल उठाया। तिलक राज बेहड़ ने साफ तौर पर कहा कि मुख्यमंत्री को ईमानदारी की बात करने की जगह यह कहना चाहिए कि पैसा लाओ काम कराओ सरकार चला रहा हूं मैं…
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के रुद्रपुर दौरे का विरोध करने के मामले में पुलिस लाइन में हिरासत में लिए गए पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ ने आरोप लगाया कि किसानों से अनाज कांटो पर तोलने की एवज में 50 रुपये की खुलेआम रिश्वत ली जा रही है और मुख्यमंत्री रुद्रपुर के गांधी पार्क मैदान से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चलाने की बात कर रहे हैं। किसानों से हो रही है अवैध वसूली का संज्ञान एसडीएम डीएम और सभी अधिकारियों को है उसके बावजूद भी किसानों का शोषण खुलेआम किया जा रहा है। अगर मुख्यमंत्री इतने पाक साफ हैं तो उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने की जगह सर्वोच्च न्यायालय की शरण क्यों ली?
पूर्व मंत्री बेहड़ ने यह भी साफ तौर पर कहा है कि मुख्यमंत्री जब भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने मंच से भाषण दे रहे थे, उसी दौरान उनके कार्यक्रम के मंच पर अवैध कॉलोनी काटने वाले और “0” टॉलरेंस को ठेंगा दिखाने वाले भाजपा नेता भी मौजूद थे,जो उनके भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के नारे को आईना दिखाने के लिए काफी है।
पूर्व मंत्री बेहड़ ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण में जमकर खुला भ्रष्टाचार हो रहा है। आखिर सरकार का संरक्षण नहीं है तो फिर कैसे प्राधिकरण में तैनात अधिकारी और कर्मचारी खुले आम लोगों से पैसा वसूली कर रहे हैं, इस समय सबसे बड़ा भ्रष्टाचार का अड्डा विकास प्राधिकरण है।
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