केदारनाथ में त्रिवेंद्र की नो-एंट्री, हुआ जमकर विरोध

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रुद्रप्रयाग: देवस्थानम बोर्ड का गठन त्रिवेंद्र रावत के कार्यकाल में हुआ था। तब से ही लगातार तीर्थ पुरोहित त्रिवेंद्र सिंह रावत का विरोध करते आए हैं। त्रिवेंद्र की कुर्सी छीने जाने के पीछे यह भी एक कारण माना जाता है। पुरोहितों के इस गुस्से का सामना आज पूर्व सीएम को केदारनाथ जाते वक्त करना पड़ा।

देवस्थानम बोर्ड भंग नहीं होने से केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों में आक्रोश है। केदारनाथ पहुंचे पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का तीर्थ पुरोहित ने जमकर विरोध किया। त्रिवेंद्र सिंह रावत को संगम पुल से आगे नहीं जाने दिया गया। तीर्थपुरोहित और हक-हकूकधारियों ने इस दौरान उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

 


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