पुलिस की कार्यवाही के बाद सुखवंत सिंह के भाई का आया बड़ा बयान क्यों जताया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार !

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लोकजन टुडे ब्यूरो

सुखवंत आत्महत्या मामले में सुखवंत के भाई का आया बयान कहा मुख्यमंत्री ने करवाई त्वरित कार्यवाही

उत्तराखंड मित्र पुलिस अपने कर्तव्यों, मित्रवत रवैये और अनुशासन के लिए हमेशा से पहचानी जाते रही है यदि बात की जाए प्रत्येक साल होने वाली चार धाम यात्रा की जिसमें लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और मित्र पुलिस द्वारा विषम परिस्थिति में भी अनुशासन का पालन करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा का खासा ख्याल रखा जाता है. पुलिस के सामने काफी चुनौतियां रहती है स्थानीय लोगों के भावनाओं का सम्मान करना पड़ता है तो वहीं दूसरी तरफ न्यायालय के आदेश का भी उन्हें तत्काल पालन करना पड़ता है वहीं राजनीतिक दल भी पुलिस के मामले में अपनी रोटी सेकते नजर आते हैं, इसी भंवर में फंसे पुलिस की मजबूरी कभी-कभी उसके लिए सजा का सबब बन जाती है.

हाल के घटना कि यदि बात कि जाये जिसमें किसान सुखविंदर सिंह की आत्महत्या मामले में मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए कुमाऊं कमिश्नर को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी किए हैं

जानकारी के अनुसार काशीपुर निवासी 40 वर्षीय सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ गोलापुर स्थित एक होटल में ठहरा था जहां उसने खुद को गोली मार ली सुखवंत ने सुसाइड करने से पहले फेसबुक पर एक लाइव आकर दो दर्जन से अधिक लोगों पर वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगाया वही सुखवंत ने लाइव वीडियो में काशीपुर के एक गिरोह पर उनके साथ 4 करोड़ के जमीन धोखाधड़ी के मामले को उजागर किया इस जमीन के मामले में 3 करोड रुपए नगद और एक करोड रुपए अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे आगे उन्होंने कहा कि जो जमीन उन्हें दिखाई गई थी वह जमीन उन्हें ट्रांसफर नहीं किया गया

अब सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि आज जब शासन प्रशासन सभी माध्यमों से लोगों को फर्जीवाड़ा से बचने के लिए सचेत करने का काम कर रही है तो वही कोई व्यक्ति बिना जांचे की को कैसे दे सकता है और वह भी एक मोटी रकम कैश के रूप में और एक छोटी सी रकम अकाउंट में ट्रांसफर जब मामला सुखविंदर के हाथ से निकल गया तो उन्होंने पुलिस का सहारा लिया के दरवाजे को खटखटाया और न्यायिक प्रक्रिया के बीच में ही अपनी जीवन लीला को समाप्त करते हुए एक वीडियो वायरल कर दिया जिसमें उन्होंने पुलिस को भी सवाल के कटघरे में खड़ा किया है

लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न या उठता है कि क्या उस व्यक्ति में सिर्फ पैसे देने की हिम्मत थी और क्या इस प्रकार से अपने परिवार को बीच में छोड़कर आत्महत्या करना कहां से तर्क संगत है अब इन सब के बीच में फसती नजर आ रही है पुलिस

समस्या अब यह आ गई है कि लोगों को लगता है कि चट मंगनी पट ब्याह वाली रस्म अदायगी हो जाए यानी कि पुलिस से कंप्लेंट अपने की और उस समस्या का समाधान तुरंत हो जाए और यदि समय लग रहा हो क्रांतिकारी बनते हुए सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए आत्महत्या करने का ख्याल मन में ले आए और सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस और न्यायिक व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दे.

शायद इस बात की जानकारी सभी को है कि आत्महत्या एक कायराना हरकत है यदि देखा जाए तो हम अपनी गलती को छुपाने के लिए पूरे सिस्टम को ही दोषी बना देते हैं और खुद के जीवन से मुंह मोड़ लेते हैं

यदि सही तरीके से मामले में देखा जाए तो ना व्यवस्था की गलती ना पुलिस की गलती क्योंकि इतनी बड़ी रकम देने से पहले सम्बंधित व्यक्ति को आंख बंद करके काम नहीं करना चाहिए और न ही इस दुनिया से आंख बंद कर लेनी चाहिए.

आम लोगों को अक्सर लगता है कि पुलिस का व्यवहार बेरुखी जैसा है जबकि ऐसी कोई बात नहीं होती है क्योंकि आम व्यक्ति अपने ढांढस को बहुत जल्दी खो देते हैं इस कारण से वे मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं और कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं.

वहीं मृतक सुखविंदर के भाई ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा मेरे भाई की आत्महत्या के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एसएसपी को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए और मैं इस कार्यवाही से बिल्कुल संतुष्ट हूं साथ ही साथ दोषियों के खिलाफ के आदेश दिए गए हैं अब मुझे उम्मीद है कि जल्द ही सजा मिल जाएगी

अब


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