व्यंग कथा: चाचा बतोल्ला और पहचान कौन?

नोट: चाचा बत्तोला एक व्यंग और काल्पनिक कथा हैं पाठको के मनोरंजन के लिए लेखक की कल्पना पर आधारित व्यंग हैं जिसका समाज में किसी भी व्यक्ति विशेष से कोई भी लेना देना नहीं हैं… खुश रहिये आबाद रहिये और पढ़ते रहिये लोकजन टुडे…

चाचा आज मोबाइल पर आए फ़ोटो मैसेज को देखकर खूब जोर जोर कर हॅस रहा था आलम ये था कि हस्ते-हस्ते खाट से नीचे जा गिरा… ये सब तमाशा चाचा का खासमख़ास भतीजा प्रकाशा देख रहा था तभी… अरे चाचा कै हो गया संभल जा सुबह ही लगा ली दिखे… तभी चाचा…अबे भूतनी कै… तुझे तो  सारे  दुनिया के  खोट  मुझ में  ही दिखे हैं..

अरे नहीं चाचा मैं तो बस यू ही.. वो तो तू ही बावला होके हसीं के लड्डू फोड़ रहा तो बुझ लिया लेकिन चाचा तू हॅस क्यू रहा था..

अबे बावली पूँछ सुन और देख यो फ़ोटो जो मुझे किसी ने भेजी हैं जिसमे एक आदमी ने गधा अपने कंधे पर बैठा रखा हैं और इस पर लिखा हैं पहचान कौन?  ईब तू ही बता हसु की रोऊ.. अरे चाचा फ़ोटो तो वाकई बड़ा जबरदस्त हैं लेकिन इसमें नु क्यू लिखा पहचान कौन? अबे प्रकाशे अब तू ही बता इस फ़ोटो में तू कौन हैं.. अरे चाचा इसमें भी क्या सोचना इस फ़ोटो में..मैं हूँ गधा ठाने वाला… तभी चाचा अबे बैल चल एक बात बता तूने गधा कंधे पर बिठाया या शेर? अरे चाचा बस इतना बड़ा सवाल.. तो सुन मैंने उठाया गधा… तभी चाचा नाराज होते हुए अबे बकलोल अगर तूने गधा उठाया और तुझे ये भी पता हैं कि यो गधा हैं तो बेटा राजा गधे महाराज को कंधे पर बिठाने वाला भी गधे से बड़ा गधा होगा… अरे चाचा केहवे तो तू भी बिल्कुल ठीक हैं… तभी चाचा ऐसे ही मैंने एक टीम के कप्तान से भी पूछा था और उसे फ़ोटो भी भेजा था लेकिन गूगल कप्तान को समझ ही नहीं आया इसने भी वही गलती की जो तूने की.. इसने भी वही कहा कि मैं गधा थोड़े ही हूँ बल्कि मैं तो इतना बलशाली हूँ कि गधे को अपने कंधे पर उठा लिया… और जब से ये बात मुझे उसने बताई हैं पेट फटन को हो गया … भला इस टीम के कप्तान से ये कोई पूछे अभी सब कुछ जानने के बाद भी गधे को सर पर बैठा लिया..तो गधा कौन? लेकिन एक बात तो हैं गधा भी बड़ा करमाती निकला जो मैडम से फोन करा कर नगर से कस्बे की गद्दी ले उड़ा.. और टीम के कप्तान के कंधे पर लपक कर जा बैठा और बॉस समझ रिया हैं कि वो कितना बलशाली हैं और गधा मंद मंद मुस्कुरा कर मन ही मन कह रहा गधा तो था मैं.. लेकिन अब तो दुनिया की नज़रो में यो बन गया हैं.. बेटा प्रकाशे तूही देख घोड़ो को नहीं मिल रही घास…गधे खा रहे चवनप्राश… एक्स्ट्रा में कितने काबिल घोड़े थे लेकिन घोड़े से ऊपर गधा निकला…बेटा यो वही गधा हैं जिसे अभी टीम से बाहर निकाला गया था और वो भी सहआरोपी को पीड़ित बनाके… जय हो अब चाचा पूछे जनता से…पहचान कौन?

 

 


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