देहरादून में जन समाधान दिवस पर 110 से अधिक शिकायतें, भूमि विवाद और अवैध कब्जे के मामले प्रमुखता से उठे!

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लोकजन टुडे, देहरादून

देहरादून। जिले में आयोजित जन समाधान दिवस में 110 से अधिक शिकायतें सामने आईं। अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार और संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह ने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल्द निस्तारण के निर्देश दिए।

जन समाधान दिवस में सबसे ज्यादा मामले भूमि विवाद, अवैध कब्जे, ग्राम पंचायत की संपत्तियों और विद्युत विभाग से जुड़ी शिकायतों के रहे। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगाए गए सोलर पैनलों से उत्पादित बिजली की यूनिटों का बिल में समायोजन नहीं होने का मामला भी उठाया गया।

रामपुरकलां के ग्रामीणों ने पीठ बाजार की नीलामी अवधि समाप्त होने के बाद भी हर शुक्रवार अवैध वसूली किए जाने की शिकायत की। ग्रामीणों ने नई नीलामी होने तक वसूली पर रोक लगाने की मांग की। इस पर खंड विकास अधिकारी सहसपुर को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

वहीं, मोहिनी रोड की संजय कॉलोनी निवासी मदनमोहन नेगी ने अपने घर पर लगे 3 किलोवाट के सोलर पैनल से ग्रिड में भेजी गई बिजली की यूनिटों का बिल में समायोजन नहीं होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कुल 7165 यूनिट में से अधिकांश का समायोजन अब तक नहीं हुआ है।

ग्राम शेरपुर की खीमा देवी ने अपनी निजी भूमि पर विद्युत विभाग की ओर से बिना सहमति तीन बिजली के पोल लगाए जाने का मामला उठाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की।

भूमि पर कब्जे से जुड़े मामलों में परवल, होपटाउन निवासी अमित कुमार सेठी ने अपने आवासीय भूखंड पर दूसरे पक्ष द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की। वहीं, रामपुरकलां के संतोष पंडित ने जमीन खरीदने के बावजूद कब्जा नहीं मिलने और विक्रेता पर फर्जी भूमि विक्रय करने का आरोप लगाया।

इसके अलावा रामपुरकलां के ग्रामीण शम्भू चोपड़ा ने गांव के प्राचीन खेड़ा और मंदिर की भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला उठाया। इस पर एसडीएम विकासनगर को भूमि अभिलेखों की जांच, पैमाइश और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

संदेश थापा की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग

जन समाधान दिवस में मालदेवता स्थित पीपीसीएल में 9 सितंबर 2026 को हुई घटना में स्व. संदेश थापा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला भी पहुंचा। उनके पिता हरक बहादुर ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग की। इस पर संयुक्त मजिस्ट्रेट ने पुलिस क्षेत्राधिकारी रायपुर को संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ताओं को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने लंबित मामलों में अनावश्यक देरी न करने और जरूरत पड़ने पर विभागों को आपसी समन्वय से जांच करने को कहा।

इस दौरान अपर नगर मजिस्ट्रेट रविन्द्र जुवांठा, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित एमडीडीए, विद्युत, सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


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