जेनी का रहस्य: 23 साल बाद फिर उठे सवाल, क्या यह सिर्फ राजनीति है या कुछ और?

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लोकजन टुडे, देहरादून

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में 2003 का जेनी प्रकरण एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। असम की इंदिरा देवरी उर्फ जेनी का एक वीडियो वायरल होने के बाद पुराने मामले में नई बहस शुरू हो गई है। जेनी ने वीडियो में कहा है कि उनके नाम का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए हो रहा है और वे सबूतों के साथ सच सामने लाएंगी।2003 में क्या हुआ था

जून 2003 में देहरादून के एक सरकारी अस्पताल में जेनी ने बच्चे को जन्म दिया। उन्होंने तत्कालीन राजस्व मंत्री हरक सिंह रावत पर आरोप लगाया कि वे बच्चे के पिता हैं। हरक सिंह रावत ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री एनडी तिवारी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। सीबीआई जांच में बच्चे का डीएनए हरक सिंह रावत से मैच नहीं हुआ और उन्हें क्लीन चिट मिल गई। बाद में जेनी ने खुद रिपोर्ट स्वीकार कर ली और 2004 में मामला कोर्ट में बंद हो गया।जो सवाल आज भी खुले हैंजेनी कहां हैं? — शिकायत वापस लेने के बाद वे गायब हो गईं। पुलिस ने उन्हें तलाशा, लेकिन उनका मोबाइल नंबर फर्जी पाया गया। आज भी उनका ठिकाना सार्वजनिक नहीं है।

बच्चे का क्या हुआ? — 2003 में पैदा हुए बच्चे की आगे की जिंदगी का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सार्वजनिक डोमेन में नहीं है। बच्चे के पिता कौन हैं, यह सवाल आज भी उठ रहा है।

सबसे बड़ा सवाल जेनी देहरादून में कैसे आईं, किसके संपर्क में रहीं और आरोप लगाने से पहले-बाद का पूरा घटनाक्रम आज भी अधूरा है।

वीडियो का समय — 23 साल बाद वीडियो क्यों सामने आया? क्या यह सिर्फ व्यक्तिगत पक्ष रखने का प्रयास है या इसके पीछे कोई और संदर्भ है?

भाजपा और कांग्रेस दोनों पक्ष इस मामले को एक-दूसरे पर हमला करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ नेता इसे पुराने आरोपों की याद दिलाकर घेराबंदी कर रहे हैं, जबकि दूसरे पक्ष इसे साजिश बता रहे हैं। जेनी ने खुद कहा है कि उनके नाम पर राजनीति हो रही है।

जेनी प्रकरण सिर्फ एक पुराना राजनीतिक विवाद नहीं है। इसमें कई अनसुलझे सवाल हैं — बच्चे का भविष्य, जेनी का गायब होना और पूरे मामले की पारदर्शिता। जब तक ये सवाल जवाब नहीं पाते, यह मामला बार-बार राजनीति का हिस्सा बनता रहेगा।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि हालिया वीडियो किसी पक्ष को टारगेट करने की तैयारी है या जेनी खुद अपना पक्ष रखना चाहती है।

Viral video के आधार पर:जेनी के हालिया वायरल वीडियो (4-5 नवंबर 2026) में उन्होंने किसी बीजेपी नेता का नाम नहीं लिया है। उनके बयान का सार यह है कि:

मेरे नाम पर राजनीति हो रही है।”“मेरे चरित्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।”“मेरे साथ 2003 में क्या हुआ, वह सिर्फ मुझे पता है। मैं सबूतों के साथ खुद बताऊंगी।”वे मुख्य रूप से अपने नाम के राजनीतिक इस्तेमाल का विरोध कर रही हैं।

वर्तमान राजनीतिक संदर्भ:इस बार मामला मुख्य रूप से हरक सिंह रावत (कांग्रेस) के इर्द-गिर्द घूम रहा है।बीजेपी के नेता (जैसे महेंद्र भट्ट और सीएम धामी) पुराने मामले को उठा रहे हैं और हरक सिंह रावत पर सवाल कर रहे हैं।

जेनी का वीडियो इन राजनीतिक बयानबाजियों के बीच आया है।निष्कर्ष:अभी सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई सबूत या स्पष्ट संकेत नहीं है कि जेनी इस बार सीधे बीजेपी के किसी नेता को निशाना बना रही हैं। उनका बयान ज्यादातर “मेरे नाम का गलत इस्तेमाल” और “मैं सच बताऊंगी” पर केंद्रित है।


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