पीएम मोदी के सपनों को लूटने वाला आरोपी क्या उत्तराखंड में छुपा है!

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लोकजन टुडे, देहरादून

सुबोध अग्रवाल जो एक रिटायर्ड आईएस ऑफिसर हैं जिन पर आरोप है कि राजस्थान के जल जीवन मिशन के टेंडर्स में घोटाला कराकर करोड़ों का हेरफेर किया है। इस खबर को समझने के लिए सबसे पहले जानते हैं कि कौन हैं सुबोध अग्रवाल और आखिर ACB की स्पेशल टीम उन्हें ढूंढने में इतनी कवायद क्यों कर रही है।

सुबोध अग्रवाल, जो राजस्थान कैडर के 1988 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं, अभी भी फरार हैं। राजस्थान के जल जीवन मिशन घोटाले में उनका नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया है, जिसमें करीब 900-960 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का आरोप है।एंटी-करप्शन ब्यूरो ने हाल ही में इस मामले में बड़ा एक्शन लिया है।

ACB की स्पेशल कोर्ट ने सुबोध अग्रवाल समेत चार आरोपियों—जीतेंद्र शर्मा, संजीव गुप्ता और मुकेश गोयल—के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। इससे पहले फरवरी में ही उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर LOC जारी किया गया था, ताकि वे देश छोड़कर भाग न सकें।

ACB ने अब तक 21 शहरों में 100 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। इनमें जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, दिल्ली, चंडीगढ़, फरीदाबाद, नोएडा, मेरठ, प्रयागराज, मुंबई आदि शामिल हैं। रिश्तेदारों के घर, फार्महाउस और अन्य संदिग्ध जगहों को खंगाला गया, लेकिन सुबोध अग्रवाल अब तक नहीं मिले। एयरपोर्ट और बॉर्डर CCTV की जांच से पुष्टि हुई है कि वे विदेश नहीं गए हैं।

सूत्र बताते हैं कि एसीबी की स्पेशल टीम को एक बड़ी लीड हाथ लगी है और दावा है कि जल्द ही फरार आरोपी सुबोध अग्रवाल उनकी गिरफ्त में होंगे, वहींसूत्र बताते हैं कि सुबोध अग्रवाल की उत्तराखंड में छुपे होने के बड़े चांस हो सकते हैं वजह साफ है सुबह अग्रवाल का नाता उत्तराखंड से खास रहा है। उत्तराखंड में छिपे होने की आशंका के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि, छापेमारी या ठोस सुराग नहीं मिला है लेकिन विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि सुबोध अग्रवाल जो कि आरोपी है उनके उत्तराखंड में छिपे होने की संभावना जताई जा रही है इसके पीछे की वजह भी साफ़ है उत्तराखंड की सीमा इंटरनेशनल बॉर्डर से जुड़ी हुई है और यहाँ पर अभी तक किसी भी एजेंसी की ना तो छापेमारी हुई है और ना ही किसी रिश्तेदारी में पूछताछ की सूचना भी नहीं है ।

सूत्र बताते है कि नज़दीकी रिश्तेदारी को भी चेक किया जा रहा है हालांकि अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि आखिर उनका उत्तराखंड से क्या नाता है या रहा है ये भी बेहद बड़ा सवाल है आख़िर कौन है जो उत्तराखंड में उनकी छुपने और भागने में मदद कर सकता है । इन सभी पहलुओं की जाँच भी शुरू हो गई है इसी बीच ACB की टीम को सूचना मिली थी कि किसी बड़े सेलिब्रिटी के फ़ार्म हाउस को सेफ हाउस बनाया गया है और इसी इनपुट के चलते सुपर स्तर सलमान ख़ान के फार्म हाउस पर टीम ने पहुंचकर छापेमारी की लेकिन वहाँ ऐसा कुछ भी नहीं मिला अब विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि उत्तराखंड में उनके छिपे होने और उनके मददगार कौन हो सकते है इस पर भी ACB की टीम की जांच में नकारा नहीं जा सकता है इन की अभी तक तलाश मुख्य रूप से राजस्थान, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र तक सीमित दिखी है।

अब सूचना ये भी भी है कि जल्द ही ACB टीम का डेरा उत्तराखंड के बॉर्डर से जुड़े इलाकों में देखने को मिल सकता है सवाल बड़ा ये है कि फ़रार आरोपी की उत्तराखंड में कौन मदद करेगा अय फिर संपर्क में रहा है या अफवाह है, तो वह अभी तक सार्वजनिक रिपोर्ट्स में नहीं आई है अगर ऐसा होता है तो निश्चित ही उत्तराखंड में आने वाले दिनों मे बड़ी खबर आ सकती है।

ACB की टीमों का ऑपरेशन जारी है और जल्द ही कोई बड़ा ब्रेकथ्रू आने की उम्मीद है। यह मामला अभी जांच के दौर में है, और फरार आरोपी पर आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं।पीएम मोदी का सपना जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) की शुरुआत 15 अगस्त 2019 को हुई थी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से इस मिशन की घोषणा की थी। यह एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य 2024 तक (बाद में बढ़ाकर 2028 तक) भारत के हर ग्रामीण घर में नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।शुरुआत में केवल लगभग 17% ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन थे, लेकिन अब यह कवरेज काफी बढ़ चुका है (80% से अधिक)। यह योजना जल शक्ति मंत्रालय के तहत चल रही है और “हर घर जल” के नारे के साथ जानी जाती है।


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