रुद्रपुर: चर्चित पार्षद प्रकाश धामी हत्याकांड में आरोपी अन्नू गंगवार को तमंचे के साथ क्राइम ब्रांच दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, उसके बाद अभियुक्त के जीजा ने एसएसपी व डीजीपी को डाक से लिखित सूचना भी दी। परंतु पुलिस द्वारा लिखित सूचना व समाचारों में आने के बावजूद 83 सीआरपीसी की कार्यवाही की ओर कदम बढ़ाए जा रहे थे। और अन्नू गंगवार व दिनेश शर्मा को दिल्ली की तिहाड़ जेल से नहीं लाया जा रहा था और ना ही विवेचना अधिकारी द्वारा अन्नू को तलब करने के संबंध में कोई प्रार्थना पत्र न्यायालय में दिया गया।
पुलिस की इस कार्यप्रणाली से अभियुक्त की माँ श्याम पाली पत्नी गेंदनलाल माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल की शरण में गई और अन्नू गंगवार की ओर से मनोज कुमार राय एडवोकेट ने बहस की तथा वादी मुकदमा मनोज धामी की ओर से भी वकील उपस्थित थे। परंतु दो पक्षों को सुनते हुए माननीय न्यायमूर्ति द्वारा अन्नू गंगवार के घर की कुर्की करने की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए गंगवार को दिल्ली से न्यायिक कार्यवाही अनुसार तलब करने के आदेश जारी करते हुए वादिनी की रिट को स्वीकार कर लिया है।
वहीं इस मामले में विवेचना अधिकारी को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करना अनिवार्य होगा। वहीं इस पूरे मामले में लोकजन टुडे संवाददाता राजीव चावला ने रुद्रपुर कोतवाल नित्यानंद पंत से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है।
Discover more from Lokjan Today
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
