चीड़ की पत्तियों से बनेगी बिजली चकोन में डीएम उत्तरकाशी व सीडीओ ने पिरुल प्लांट का किया निरीक्षण !

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लोकजन टुडे ब्यूरो

उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) द्वारा पिरुल (चीड़ की पत्तियाँ) से विद्युत उत्पादन 25 कि.वा. क्षमता की पिरुल आधारित विद्युत उत्पादन परियोजना का विकास खण्ड डुण्डा के ग्राम चकोन में जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य एवं मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने गुरुवार को संयुक्त रूप से प्लांट का निरीक्षण कर जायजा लिया l निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीरूल से निर्मित ईधन के रूप में उपयोग ब्रिकेट व पैलेट का भी निरीक्षण किया l उन्होंने कहा कि (चीड़ की पत्तियां) केवल एक कबाड़ नहीं, बल्कि आजीविका का जरिया है। वनाग्नि को कम करने के साथ ग्रामीण रोजगार के लिये बेहतर अवसर है l

जिलाधिकारी ने पीरूल से निर्मित विभिन्न दैनिक उपयोगी व आवश्यक वस्तुओं के निमार्ण पर जोर देते हुये कहा कि, आगामी चारधाम यात्रा में होटल संचालक के लिए पीरूल से निर्मित ब्रिकेट व पैलेट काफी उपयोगी सिद्ध हो सकते है l

बता दें कि वर्तमान समय में परियोजना विद्युत हेतु ग्रिड से जुड़ी नहीं है l पूर्व में प्लांट से 25 किलोवाट आपूर्ति यूपीसीएल को 7 रूपये 54 पैसे की दर प्रति यूनिट दी जा रही थी l प्लांट में पीरूल से ईधन हेतु ब्रिकेट व पैलेट का निमार्ण किया जा रहा है l

प्लांट संचालक ने बताया कि ब्रिकेट व पैलेट का प्रयोग एलपीजी गैस से सस्ता पड़ता हैl

निरीक्षण के दौरान प्रभागीय वनाधिकार डीपी बलूनी, पीरूल प्लांट प्रबंधक महादेव सिंह गंगाडी, राजकुमार गंगाडी आदि उपस्थित रहे l


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