दून अस्पताल में नि:शुल्क उपचार की स्वीकृति के लिए एमएस और डीएमएस की अनुपलब्धता के चलते दो डॉक्टर की हुई नियुक्ति !

लोकजन टुडे ब्यूरो, देहरादून

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गरीब और पात्र मरीजों को निशुल्क उपचार (फ्री बिलिंग) की स्वीकृति के लिए अब एमएस या डीएमएस की अनुपलब्धता पर दो अन्य डॉक्टर को जिम्मेदारी दे दी है।

प्राचार्य डा. गीता जैन ने मरीजों की सुविधा के लिए दो नए नोडल अधिकारी नामित किए हैं।

आदेश के मुताबिक अब रेस्पिरेटरी मेडिसिन के प्रो. डॉ. अनुराग अग्रवाल और जनरल मेडिसिन के प्रो. डॉ. विवेकानंद सत्यावली भी फ्री बिलिंग की संस्तुति कर सकेंगे।

ये दोनों डॉक्टर न्यू ओपीडी के तीसरे तल पर मिलेंगे। इससे पहले केवल एमएस और डीएमएस को यह अधिकार था, जो अब भी जारी रहेगा।

इस कदम से मरीजों को अधिकारियों की अनुपलब्धता या भीड़ के कारण इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

दून अस्पताल उत्तराखंड का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है जहां पर दूर-दूर से लोग अपने इलाज के लिए आते हैं दून अस्पताल में सरकार द्वारा मरीजों को अनेकों सुविधा दी गई है। दून अस्पताल में लैब टेस्टिंग काफी कम दरों में होता है।


Discover more from Lokjan Today

Subscribe to get the latest posts sent to your email.