देहरादून में 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्थान सरकार में ओएसडी गोविंद पारीक को उनके उत्कृष्ट कार्य हेतु किया सम्मानित !

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लोकजन टुडे ब्यूरो देहरादून

देहरादून में 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस–2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलन कर किया.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फोटो प्रदर्शनी और हस्तशिल्प स्टॉल का निरीक्षण कर स्थानीय कला को प्रोत्साहित किया वहीं 13 से 15 दिसंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन का आयोजन पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी थीम पर किया जा रहा है, जहां इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अलग अलग क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया

वहीं राजस्थान सरकार के OSD गोविंद पारे को भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धमी ने उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। वहीं मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा मेरा यहाँ पर सम्मान किया गया है जो मेरे लिए एक गर्व का विषय है।

आगे उन्होंने कहा कि सम्मान एक रिकॉग्निशन है जो काम हम करते रहते हैं अपने सामान्य दिनचर्या में हमें जो जॉब असाइन हुई है, उस जॉब को अचीव करने के लिए जो टारगेट हमें मिला है, उन टारगेट्स को अचीव करने के लिए हम जिस तत्परता, लगन और निष्ठा के साथ काम करते हैं तो वह हमें एक अलग तरह का संतोष प्रदान करता है और मेरी तो यही सोच रही है की जो भी काम किया जाए उसे पूरी तत्परता और निष्ठा के साथ किया जाए।

और मेरे विचार से जब हम अपने काम को पूरी तत्परता और निष्ठा के साथ करते हैं तो उससे पूरी तरह से अपनी आत्म संतुष्टि मिलती है। जहां जहां भी मैंने नौकरी की है, करीब चार दशक से मीडिया और पब्लिक रिलेशन्स के साथ मैं जुड़ा हुआ रहा हूं। शुरुआत मैंने आकाशवाणी से की थी। आकाशवाणी में ट्रांसमिशन एग्जीक्यूटिव फिर प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव, फिर दूरदर्शन में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव और प्रोड्यूसर के तौर पर और फिर राजस्थान सरकार के जनसंपर्क विभाग में विभिन्न पदों पर रहते हुए जो भी जिम्मेदारियां मिली उनको पूरी तत्परता से, पूरी लगन से, निष्ठा से और पूरी तन्मयता के साथ निभाने का प्रयास किया और मुझे खुशी है की अपने प्रयासों को मुझे हर जगह बहुत अच्छे से रिकॉग्नाइज किया गया। अलग ही कोई सम्मान के लिए काम नहीं किया जाता।

काम अपनी आत्म संतुष्टि के लिए किया जाता है ताकि हम अपने आप से संतुष्ट रहे की हमें जो भी दायित्व मिला है उस दायित्व का हम कुशलता से उसका संपादन करते रहे अच्छी बात यह रहती है की इस तरह की सोसाइटी जब राष्ट्रीय स्तर पर जब सम्मानित करती है तो निश्चित रूप से गर्व का विषय होता है और लगता भी है इससे एक अलग तरह का मोटिवेशन भी मिलता है की हम अच्छे काम किए हैं बस यही होता है कि हम अच्छी गति के साथ और निरंतर आगे बढ़ते रहे और अपने काम को ठीक ढंग से करते रहें।


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