नैनीताल की होटल मेट्रो पोल शत्रु संपति पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही भारी पुलिस बल तैनात देखिए वीडियो

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नैनीताल

नैनीताल की होटल मेट्रो पोल शत्रु संपति को आज वर्ग विशेष के अवैध कब्जो से मुक्त करने का अभियान शुरू हो गया। मुस्लिम तुष्टिकरण की वजह से ये काम वर्षो से लंबित था जिसे आज धामी सरकार के बुल्डोजर ने पूरा कर दिया। करीब तीन सौ करोड़ की सरकार की संपत्ति 1400 मुस्लिम लोगो के कब्जे में थी।

 

 

जिस काम को करने का साहस कोई भी पिछली उत्तराखंड सरकार नहीं जुटा पाई उसे वर्तमान धामी सरकार ने पूरा कर दिया। नैनीताल में हाईकोर्ट के पास करीब तीन सौ करोड़ की शत्रु संपत्ति को आज खाली करवा लिया गया। खास बात ये कि गृह मंत्रालय कि भूमि से ये अतिक्रमण हटाने की प्रकिया की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करते रहे।

नैनीताल में होटल मेट्रोपाल और उससे जुड़ी करोड़ो रु की शत्रु संपत्ति है जिसका मालिक केंद्रीय गृह मंत्रालय है और इस पर 134 परिवारों ने कब्जा किया हुआ था। मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति ने इस संपत्ति को खाली करवाने का कभी जोखिम नहीं उठाया। पंद्रह सौ वोटो की लालच में कांग्रेस ने यहां अवैध रूप से बसे बाहरी लोगो को हटाने का काम नही किया।
नतीजा ये हुआ कि इस कब्जे की आड़ लेकर और भी इनके रिश्तेदार गर्मियों के सीजन में यहां आकर धंधे में जुटने लगे।
केंद्र में गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यभार ग्रहण करते ही देश भर में शत्रु संपत्तियों की सूची निकलवाई और सर्वे का काम शुरू करवाया जिसमे उत्तराखंड की नैनीताल देहरादून किच्छा और हरिद्वार की संपत्तियां चिन्हित की गई।
शत्रु संपत्ति वो होती है जोकि आजादी के समय मुस्लिम लोग पाकिस्तान चले गए और उनकी भूमि संपत्ति यहीं रह गई, इस संपत्ति का मालिकाना हक केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास होने का कानूनी अधिकार है।
नैनीताल में इस संपत्ति को खाली कराने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं संकल्प लिया, ऐसा संभवतः इस लिए भी उन्होंने किया होगा कि गृह मंत्रालय से लगातार दबाव दिया जा रहा था। गृह विभाग चूंकि सीएम धामी के पास ही है लिहाजा उन्होंने सीधे इस अभियान को अपने हाथ में लेकर योजनाबद्ध तरीके से पूरा करवाया। अवैध रूप से बसे कब्जेदारो को जिला प्रशासन ने बकायदा नोटिस दिए ,पर्याप्त समय दिया कि वो खुद इस कब्जे को छोड़ कर चले जाएं। अवैध कब्जेदार हाईकोर्ट भी गए जहां उन्हे कोई राहत नही मिली। हाईकोर्ट के द्वारा याचिका खारिज होते ही ,जिला प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस फोर्स का फ्लैग मार्च करवाते हुए धारा 144 लगाकर बुल्डोजर खड़े कर दिए और मुनादी करवा कर खुद ये कब्जे खाली करने का अंतिम अवसर दे दिया।
इस सख्त घोषणा के जारी होते ही अवैध कब्जेदारो ने खुद मकान खाली करने शुरू कर दिए और अपना सामान जीपों में भरकर लेजाने लगे।
प्रशासन ने कब्जेदारो को टीन टप्पड़ भी हटाने का समय दिया जिसके बाद अतिक्रमणकारियो ने खुद ही अपना सामान समेटना शुरू करदिया

आज सुबह भवनों को गिराने का काम शुरू कर दिया गया है।


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