कुछ तस्वीरें दिल को छू जाती हैं आपके साथ भी क्या हुआ है कभी जरूर हुआ होगा………..

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बागेश्वर

 

1000 से अधिक शब्दों के बराबर एक फोटो बोलती है

यह बात बिल्कुल सत्य है मोबाइल पर फेसबुक में स्क्रोल कर रहा था तभी सरसरी नजरों से देखा एक नन्ही सी बच्ची साइकिल के साथ और दो पुलिसकर्मी जल्दबाजी में काफी नीचे स्क्रोल कर चुका था लेकिन फिर अनायास ही आंखों के आगे वह तस्वीर घूम गई मन में एक शंका लिए और अनजाने डर क्या पुलिस ने बच्ची को गिरफ्तार तो नहीं कर दिया लेकिन फिर सोचा यह तो कोई गुड न्यूज़ लग रही है इसी कशमकश में वापस रिवर्स गियर में स्क्रोल करने लगा……….

 

 

 

 

बड़ी मुश्किल से वह फोटो वापस देखी तो बड़ा अच्छा लगा पुलिस के द्वारा एक नन्ही बच्ची की साइकिल वापस दिलाने पर बच्ची मुस्कुरा रही थी एक सुकून के साथ नन्ही बच्ची मेरी बिटिया की  उम्र की थी अक्सर यह होता है जब अपने बच्चों की ही उम्र के बच्चे दिखाई देते हैं तो उनमें अपने बच्चों का प्रतिरूप दिखाई देता है । बच्चे हंसते हुए और शरारत करते हुए ही अच्छे लगते हैं रोता हुआ देख न जाने क्यों दिल को बड़ा कष्ट होता है…….
फोटो के कैप्शन में ज्यादा जानकारी नहीं लिखी गई थी तो सीधा मोबाइल के सर्चिंग ऑप्शन में जाकर उत्तराखंड पुलिस और फिर बागेश्वर पुलिस का पेज खोला तो जानकारी मिली
आमतौर पर घर में छोटी मोटी चोरी होने पर बेफिजूल के पचड़े से बचने के लिए हम पुलिस के पास तक नहीं जाते लेकिन इस बच्ची के जिद और विश्वास के आगे उसके माता-पिता भी विवश हो गए होंगे
कुछ दिन पूर्व कोतवाली बागेश्वर क्षेत्रांतर्गत खड़ी बाजार में एक घर के आंगन में खड़ी बच्चों की साइकिल कोई उठाकर ले गया, घर वालों के काफी ढूंढ खोज करने के बाद भी साइकिल नहीं मिली तो बच्ची अपने परिजनों के साथ कोतवाली बागेश्वर आई और अपनी साइकिल खोने के संबंध में बताया गया।
जिस पर कोतवाली पुलिस के चीता मोबाइल में नियुक्त कर्मचारियों द्वारा बच्ची को साइकिल ढूंढ खोज निकालने हेतु पूरा भरोसा दिलाया गया। चीता टीम द्वारा काफी प्रयास व मेहनत से साइकिल की ढूंढ खोज शुरू कर 4-5 दिन के अंदर साइकिल को बरामद कर सकुशल बच्ची को वापस लौटाया गया ।
बच्ची अपनी साइकिल वापस पाकर खुशी से फूले नहीं समाई और कहने लगी थैंक्यू पुलिस अंकल, थैंक्यू बागेश्वर पुलिस, थैंक्यू उत्तराखंड पुलिस।
हालांकि पुलिस के द्वारा यह जानकारी नहीं दी गई है कि इस बच्चे की साइकिल कौन उठाकर ले गया था आमतौर पर बच्चों की साइकिल बच्चे ही उठाकर ले जाते हैं तो शायद पुलिस ने भी इसे बच्चों के खेल खेल का हिस्सा बताया होगा लेकिन अब यह नन्ही बच्ची अपने साइकिल को पाकर बहुत खुश हैं और बार-बार अपने साइकिल को देख  घर के अंदर ही रख रही है ताकि कहीं कोई फिर से बाहर से  उठा कर ना ले जाए……….

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