पूरन सिंह

गौचर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या उड़ीसा के दिव्यांग कलाकारों के नाम रही। मेले की पहली संध्या पर एक शाम शहीदों के नाम से कई कार्यक्रम हुए। जिलाधिकारी स्वति एस भदौरिया ने दीप प्रज्जवलित कर सांस्कृतिक संध्या का शुभांरभ किया। उडान गु्रप के दृष्टि विहीन कलाकारों ने जहाॅ किशोर दा के पुराने गीतों पर सभी को थिरकने के लिए विवश किया वही मलखम में अनेक करतव दिखाकर सबको अचंभित किया। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने उड़ान ग्रुप के सभी कलाकारों को प्रतीक चिन्ह् भेंट कर सम्मानित किया।

उडान गु्रप के दिब्यांग राॅक स्टाॅर गायक दीपक ने ‘‘ये शाम मस्तानि मदहोस किए जाए….’’ ‘‘पल पल दिल के पास….’’ तारीफ करू क्या उसकी… आदि कई गानों ने सांस्कृतिक संध्या पर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर किया। वही सिर पर कैडिल रखकर योगा के अनेक करतव दिखाकर दिब्यांग कलाकारों ने पूरी संध्या पर समा बाधे रखा। दिब्यांग कलाकारों ने पीएम नरेन्द्र मोदी व लालू की मिमिकरी ने लोगों को खूब हंसाया। दिब्यांग कलाकारों की प्रतिभा देखकर जहाॅ लोगों ने खूब आंनद उठाया वही इन कलाकारों की प्रतिभा देखकर सभी आश्चर्य चकित भी थे। मुंबई उड़ान गु्रप के कलाकारों ने गौचर मेले में अवसर देने के लिए जिला प्रशासन का अभार व्यक्त किया तथा अगले साल भी मेले में आने की इच्छा जताई। दिब्यांग कलाकारों ने साबित कर दिया कि दृष्टि होना ही जरूरी नही बल्कि किसी भी मुकाम को हासिल करने के लिए दृढ इच्छाशक्ति भी जरूरी है।
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